ईयर प्लग फोटो.सोशल मीडिया
लाइफस्टाइल

Sleep Tips: रात में कान में ईयरप्लग डालकर सोते हैं? पहले जान लें इसके फायदे और सावधानियां

Earplugs for Sleep: रात में ईयरप्लग लगाकर सोना शोर से बचने में मदद कर सकता है, लेकिन गलत इस्तेमाल से कानों में परेशानी हो सकती है। जानें ईयरप्लग के फायदे, नुकसान और जरूरी सावधानियां।

रीता राय सागर

Earplugs While Sleeping: शोर-शराबे के कारण या थकान से अगर रात में नींद बार-बार टूटती है, तो कई लोग ईयरप्लग का इस्तेमाल करते हैं। ट्रैफिक, पड़ोस का शोर, खर्राटे या आसपास की आवाजों को कम करके ईयरप्लग सोने के माहौल को शांत बनाने में मदद कर सकते हैं।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को रातभर ईयरप्लग लगाकर सोना चाहिए। सही फिट, सफाई और ईयरप्लग की आवाज कम करने की क्षमता पर ध्यान देना जरूरी है।

ईयरप्लग लगाकर सोने के क्या फायदे हैं?

सबसे बड़ा फायदा है बाहरी शोर को कम करना। अगर कमरे के बाहर की आवाजें आपको बार-बार जगाती हैं, तो ईयरप्लग नींद में आने वाली बाधाओं को कम कर सकते हैं। कुछ अध्ययनों में शोर वाले वातावरण में ईयरप्लग और आई मास्क के इस्तेमाल से नींद की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है, हालांकि यह हर किसी के लिए एक समान नहीं होता है।

खर्राटों से मिल सकती है राहत

अगर पार्टनर के खर्राटे या आसपास की लगातार आवाज आपकी नींद खराब करती है, तो ईयरप्लग आवाज की तीव्रता को कम करता है, जिससे नींद बेहतर आती है। हालांकि, वे आवाज को पूरी तरह खत्म नहीं करते और हर तरह के शोर पर समान प्रभाव नहीं डालते।

शांत वातावरण शरीर और दिमाग को सोने के लिए तैयार करने में मदद करता है। खासकर उन लोगों के लिए यह उपयोगी हो सकता है जो हल्की आवाज से भी आसानी से जाग जाते हैं।

क्या रोज ईयरप्लग लगाकर सोना सुरक्षित है?

अधिकांश लोगों के लिए सही तरीके से इस्तेमाल किए गए ईयरप्लग सामान्यतः समस्या पैदा नहीं करते, लेकिन इन्हें गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर कानों में परेशानी हो सकती है, जैसे- बहुत गहराई तक ईयरप्लग डालना, लंबे समय तक गंदे ईयरप्लग का इस्तेमाल करना या कान में पहले से मौजूद समस्या के बावजूद इन्हें लगाना परेशानी को और अधिक बढ़ा सकता है। इसलिए आरामदायक फिट वाले ईयरप्लग का चयन करें।

कान में संक्रमण का भी रखें ध्यान

ईयरप्लग कान के अंदर नमी और गर्मी को बढ़ाते हैं। अगर इन्हें साफ नहीं रखा जाए तो बैक्टीरिया के बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है।

खासकर दोबारा इस्तेमाल किए जाने वाले ईयरप्लग को साफ करना चाहिए। डिस्पोजेबल ईयरप्लग को बार-बार इस्तेमाल करने से बचें।

ईयरप्लग बहुत अंदर तक न डालें

ईयरप्लग को कान की नली में बहुत अंदर तक डालने की कोशिश न करें। इससे कान की त्वचा में जलन या चोट हो सकती है और कान का मैल अंदर की ओर धकेला जा सकता है। अगर ईयरप्लग लगाने के बाद दर्द, खुजली, कान बंद होने जैसा महसूस हो या सुनने में बदलाव आए, तो इसका इस्तेमाल रोक दें।

साइड स्लीपर हैं तो खास सावधानी

जो लोग करवट लेकर सोते हैं, उनके लिए बड़े या कठोर ईयरप्लग असहज हो सकते हैं। तकिए और कान के बीच दबाव पड़ने से कान में दर्द या जलन हो सकती है।

वे कौन होते हैं सर्कुलर जारी करने वाले? BCI पर भड़के CJI सूर्यकांत, छात्रों के हक में कही बड़ी बात

चमोली टनल हादसा: मौके पर पहुंचे CM धामी, मुआवजे का किया ऐलान, 3 लोगों को बचाने युद्धस्तर पर रेस्क्यू जारी

NALSAR विवाद पर प्रियंका चतुर्वेदी का BCI पर तीखा हमला, बोलीं- संस्थाओं का राजनीतिक इस्तेमाल बंद हो

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की अचानक बिगड़ी तबीयत, AIIMS में कराए गए भर्ती

आज की ताजा खबर 14 अगस्त LIVE: जेपी नड्डा अस्पताल में भर्ती; चमोली लैंडस्लाइड हादसे में मृतकों की संख्या हुई 7