Couple Relationship Goals: पति-पत्नी या लव पार्टनर के बीच दूरियां आने की सबसे बड़ी वजह किसी एक पार्टनर का टॉक्सिक हो जाना होता है। इसका मतलब फिजिकल टॉर्चर से नहीं है, बल्कि इमोशनली इंसान बुरी तरह टूट जाता है।
आज के डिजिटल दौर में रिश्ते पहले जैसे नहीं रहे। शुरुआत में प्यार, उत्साह और घंटों चलने वाली बातें धीरे-धीरे सिर्फ छोटे जवाबों और जरूरी बातचीत तक सिमटती जा रही हैं। अब रिश्तों में नया चलन है- ऐसा रिश्ता, जहां प्यार तो होता है, लेकिन उसे निभाने की कोशिश धीरे-धीरे खत्म होने लगती है।
पार्टनर सुबह ब्रेकफास्ट और रात को डिनर की टेबल पर रोजाना मिलते हैं, बेड पर भी साथ होते हैं, लेकिन पहले की तरह एक-दूसरे से बातें नहीं करते हैं। अपनी भावनाओं को साझा नहीं करते हैं। ऑफिस की फाइलों और राशन की लंबी लिस्ट, इलेक्ट्रिसिटी बिल, बच्चों के स्कूल की फीस, लोन की ईएमआई के बोझ तले अब बातें कम हो गई हैं। अगर आप बोरिंग होती अपनी लव लाइफ में थोड़ा सा रोमांच भरना चाहते हैं, तो बेहद मामूली लगने वाली बातों को भी अहिमयत देना सीखें।
आपका पार्टनर अगर हर छोटी बात पर बहुत ज्यादा गुस्सा करता है। इस वजह से आपको अक्सर बात बहुत ही सोच-समझकर करनी पड़ती है कि आपका पार्टनर कहीं गुस्सा न हो जाए या बिन वजह चिल्लाने न लगे तो ये टॉक्सिक रिलेशनशिप है। इस तरह के बिहेवियर को समझने और सुधारने की जरूरत है।
आपके पार्टनर जरूरी मुद्दों जैसे फ्यूचर प्लानिंग, अपने ऑफिस की दिनचर्या, जैसी छोटी चीजों पर भी अगर आपसे कभी भी खुलकर बात नहीं करते है या फिर घर की जरूरी चीजों या रिश्ते में बढ़ रही दूरी को लेकर जब भी बात करते हैं तो इसे टालने की कोशिश करते है तो इस पर वक्त देकर बात करने की जरूरत है।
कपल हो या कोई लिव इन कपल, हर किसी का अपना पर्सनल स्पेस होता है, जैसे कुछ दोस्त, कपड़े पहनने का तरीका, क्या करना है, क्या नहीं करना है या फिर किससे मिलना है। समय के साथ इन सारी चीजों को लेकर आपके पार्टनर का बिहेवियर कंट्रोलिंग होता जाता है, जिससे रिश्तों में धीर-धीरे दूरियां बढ़ने लगती हैं। कपल के तौर पर भी एक-दूसरे को थोड़ा स्पेस देने से रिश्ते निखरते हैं।
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कई लोग अपने मन की बातें शेयर करने से बचते हैं, क्योंकि उन्हें डर होता है कि कोई उनकी बात समझेगा या नहीं। अस्वीकार किए जाने या जरूरत से ज्यादा जुड़ाव का डर होता है। इसके अलावा भागदौड़ भरी जिंदगी में रिश्ते धीरे-धीरे दूसरी प्राथमिकता बनते जा रहे हैं। कई जोड़ों के बीच बातचीत सिर्फ रोजमर्रा के कामों तक सीमित रह जाती है। दिल की बातें, भावनात्मक सहारा और भविष्य को लेकर चर्चा लगभग खत्म हो जाती है। अपने मन की बातों को अपने पार्टनर के साथ शेयर करें।