Food Safety Tips For Festivals: कोई भी त्योहार मिठाइयों के बिना अधूरा माना जाता है। इस दिन बाजार में मिठाइयों की भरमार होती है, लेकिन यह बात भी सच है कि त्योहार में मिलावटी या बासी मिठाइयां भी बाजार में मिलती है। ऐसे में सिर्फ स्वाद देखकर मिठाई खरीदना सही नहीं है। कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर आप अपने परिवार को मिलावटी और खराब मिठाइयों के सेवन से बचा सकते हैं।
बहुत ज्यादा चमकीले या असामान्य रंग वाली मिठाइयों में कृत्रिम रंग मिलाए हो सकते हैं। हमेशा नेचुरल रंग और सामान्य दिखने वाली मिठाई ही खरीदें।
अगर मिठाई पैक्ड है, तो उसका एक्सपायरी डेट जरूर जांचें। खुली मिठाई खरीदते समय दुकानदार से जरूर पूछें कि वह कब बनाई गई है।
कुछ दुकानों में असली चांदी की जगह एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल किया जाता है। असली चांदी का वर्क बहुत पतला होता है और हाथ लगाने पर आसानी से टूट जाता है, जबकि नकली वर्क मोटा और सख्त दिखाई दे सकता है।
अगर मिठाई से खट्टी या अजीब सी गंध आ रही हो या उसकी सतह चिपचिपी या बहुत सूखी लगे, तो उसे खरीदने से बचें। यह बासी होने का संकेत हो सकता है।
ऐसी दुकानों से मिठाई खरीदें जहां साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता हो और अच्छी गुणवत्ता वाली मिठाई मिलती हो। भीड़भाड़ वाले इलाकों में त्योहार के दौरान सड़क किनारे बिना ढकी मिठाई खरीदने से बचें।
कलाकंद, रसगुल्ला, रसमलाई, मिल्क केक और अन्य डेयरी प्रोडक्ट से बनी मिठाइयां जल्दी खराब हो सकती हैं। इन्हें खरीदते समय ताजगी और सही स्टोरेज का विशेष ध्यान रखें।
अगर मिठाई तुरंत नहीं खानी है, तो उसे फ्रिज में रखें। लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखने से उसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है।