PM Modi Healthy Habits: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2026 को 76 साल के हो गए हैं। उनकी दिनचर्या व्यस्त रहती है। सार्वजनिक जीवन में होने के बावजूद योग, फिजिकल एक्टिविटी, बैलेंस डाइट और नींद जैसी बुनियादी चीजों पर प्रधानमंत्री मोदी जोर देते हैं।
खास बात यह है कि उनकी बताई बातें किसी मुश्किल फिटनेस फॉर्मूले को फॉलो नहीं करती है, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदतों की हैं। यही आदतें उम्र बढ़ने के साथ सेहत का ध्यान रखती है और आपको ऊर्जावान बनाती है।
योग पीएम मोदी की फिटनेस रूटीन का अहम हिस्सा रहा है। जून 2026 में योग से जुड़े अपने संदेश में उन्होंने नियमित योग को शरीर को स्वस्थ, मन को शांत और जीवन को संतुलित रखने वाला अभ्यास बताया था। यानी उनके लिए योग केवल एक्सरसाइज नहीं, बल्कि रोज की दिनचर्या का अहम हिस्सा है। पीएम मोदी चाहे देश में हो या विदेश दौरे पर योगाभ्यास कभी नहीं टालते हैं।
फिटनेस को किसी एक मसल या एक तरह की एक्सरसाइज तक सीमित रखने के बजाय पीएम मोदी पूरे शरीर और मन को मजबूत रखने की बात करते हैं। 2026 में छात्रों से बातचीत के दौरान उन्होंने क्रिकेटर का उदाहरण देते हुए समझाया कि सिर्फ एक मसल मजबूत करना काफी नहीं, शरीर, योग, एक्सरसाइज, खान-पान और नींद समेत सभी पर ध्यान देना जरूरी है। योग हमारे पूरे शरीर के लिए काम करता है और मन को मजबूत बनाता है।
व्यस्त दिनचर्या के बीच नींद के लिए कम समय मिलना स्वाभाविक है, लेकिन नींद सेहत के लिए सभी अन्य चीजों से ज्यादा जरूरी है। नींद को नजरअंदाज करना आसान है, लेकिन पीएम मोदी ने इसे फिटनेस का जरूरी हिस्सा बताया है। 2026 की परीक्षा पे चर्चा (Pariksha Pe Charcha) बातचीत में उन्होंने छात्रों से कहा कि अच्छी नींद लेने से शरीर और दिमाग अधिक तरोताजा रहता है।
पीएम मोदी ने भोजन को लेकर किसी एक मैजिकल डाइट की बात नहीं की। 2026 में छात्रों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वे कोई निर्धारित भोजन नहीं करते हैं और वे शाकाहारी भोजन करते हैं। उनका जोर इस बात पर था कि भोजन व्यक्ति की पसंद और जरूरत के मुताबिक होना चाहिए। हर उम्र के लिए सभी प्रकार का भोजन अनुकूल नहीं होता है।
फिट रहने का मतलब केवल जिम जाना नहीं है। नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर को सक्रिय रखने का हिस्सा है। पीएम मोदी ने भी कई मौकों पर एक्सरसाइज और योग को रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करने पर जोर दिया है।
बढ़ती उम्र में यह आदत और अधिक जरूरी हो जाती है। दिनभर बैठे रहना आलस को न्योता देता है। शरीर शिथिल हो जाता है, इसलिए दिन भर एक्सरसाइज के अलावा भी चलते-फिरते रहें, कोई काम करते रहें, तात्पर्य यह है कि शरीर और मन को अच्छे काम में लगाए रखें।
ये तो हम सभी जानते है कि सुबह की गुनगुनी धूप से विटामिन डी मिलता है, लेकिन सुबह देर से उठने की आदत के कारण लोग इससे वंचित रहते हैं। 2025 में छात्रों से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने सुबह की प्राकृतिक धूप में कुछ समय बिताने की सलाह दी थी। 2026 में भी उन्होंने दिन की शुरुआत और शरीर को प्राथमिकता देने की बात की।
पीएम मोदी की फिटनेस से जुड़ी बातों में मानसिक शांति भी उतनी ही जरूरी है, जितनी शारीरिक। योग को उन्होंने शरीर के साथ मन से भी जोड़ा है। इसके लिए ध्यान व प्रणायाम किया जा सकता है। पढ़ना, सीखना, सक्रिय रहना और तनाव को संभालना भी स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए।
पीएम मोदी की बताई इन आदतों में कोई महंगा या मुश्किल रूटीन शामिल नहीं है।योग, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद, रोजाना सक्रिय रहना और मन को शांत रखना- ये ऐसी चीजें हैं जिन्हें उम्र और अपनी क्षमता के अनुसार अपनाया जाना चाहिए। फिटनेस को किसी एक दिन का लक्ष्य बनाने के बजाय रोज की छोटी-छोटी आदतों का हिस्सा बनाएं।