Morning Breakfast Idea: नाश्ता दिन की शुरुआत का सबसे अहम हिस्सा होता है। सुबह आप क्या खाते हैं, इसका आपकी एनर्जी, पाचन और सेहत पर बड़ा असर पड़ता है। आम तौर पर भारतीय घरों में पारंपरिक नाश्ता जैसे- पोहा, इडली, उपमा, पराठा आदि खाया जाता रहा है, लेकिन बीते कुछ सालों में ओवरनाइट ओट्स का ट्रेंड नाश्ते के तौर पर काफी लोकप्रिय हुआ है।
खासकर फ़िटनेस के शौकीनों और बिजी प्रोफ़ेशनल के बीच। न्यूट्रिशन, सुविधा और सेहत के फायदों के मामले में कौन-सा नाश्ता सबसे बेहतर है? इसका जवाब आपकी लाइफस्टाइल, खाने-पीने की जरूरतों और निजी पसंद पर भी निर्भर करता है।
ओवरनाइट ओट्स बनाने के लिए रोल्ड ओट्स को रात भर दूध, दही या प्लांट-बेस्ड मिल्क (जैसे बादाम मिल्क या सोया मिल्क) में भिगोकर रखा जाता है। आमतौर पर इनके ऊपर फ्रूट्स, नट्स, सीड्स और नैचुरल स्वीटनर डाले जाते हैं। इसे पकाने की ज़रूरत नहीं होती, इसलिए जो लोग जल्दी बनने वाला और पौष्टिक नाश्ता चाहते हैं, उनके लिए ओवरनाइट ओट्स एक बेहतरीन विकल्प बन गया है।
ओवरनाइट ओट्स में भरपूर मात्रा में फ़ाइबर, खासकर बीटा-ग्लूकन होता है, जो दिल की सेहत को बेहतर बनाने और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है। इनमें कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट भी होते हैं, जो पूरे दिन शरीर को एनर्जी देता है।
ओवरनाइट ओट्स में चिया सीड्स, बादाम, अखरोट और फलों जैसी चीजें मिलाने से इनमें प्रोटीन, हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है, जो लोग वेट कंट्रोल की कोशिश कर रहे हैं या गट हेल्थ को बेहतर बनाना चाहते हैं, उनके लिए ओवरनाइट ओट्स एक पौष्टिक और पेट भरने वाला ऑप्शन है।
भारत में अलग-अलग क्षेत्रों में भारतीय नाश्ते अलग-अलग तरह के होते हैं और इनमें अक्सर कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और हेल्दी फैट का सही संतुलन होता है।
ओवरनाइट ओट्स में सॉल्यूबल फाइबर होते हैं, जो पेट साफ रखने और गट बैक्टीरिया को बढ़ावा देने में मदद करते है। वहीं, इडली और डोसा जैसे फर्मेंटेड भारतीय खाद्य पदार्थों में नेचुरल रूप से गुड बैक्टीरिया होते हैं, जो पाचन में सहायक होते हैं। जिन लोगों का पेट संवेदनशील होता है, उन्हें ओवरनाइट ओट्स के बदले ट्रेडिशनल नाश्ता ही करना चाहिए।
ओवरनाइट ओट्स और पारंपरिक भारतीय नाश्ते को यदि सही तरीके से प्लान न किया जाए, तो इनमें प्रोटीन कम हो सकता है। ओवरनाइट ओट्स को ग्रीक योगर्ट, प्रोटीन पाउडर, नट्स और सीड्स के साथ बेहतर बनाया जा सकता है। इसी तरह, भारतीय नाश्ते में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के लिए पनीर, स्प्राउट्स, अंडे, दही को शामिल किया जा सकता है।
न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स मांसपेशियों की सेहत और लंबे समय तक एनर्जी बनाए रखने के लिए नाश्ते में प्रोटीन को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।
इनमें से कोई भी विकल्प अकेले वजन घटाने की गारंटी नहीं देता। खाने की मात्रा, सामग्री और खाने की कुल आदतें वेट को मैनेज करती है।।
ओवरनाइट ओट्स में मौजूद फाइबर भूख को कंट्रोल करने में मदद करता है। पारंपरिक भारतीय नाश्ता भी वजन कंट्रोल करने में मदद कर सकता है, अगर इसे कम तेल में बनाया जाए और इसमें सब्ज़ियां और प्रोटीन भरपूर मात्रा में शामिल हो।
सबसे हेल्दी नाश्ता वह है जो आपको संतुष्ट रखे और बार-बार भूख न लगे।