Reuse Puja Flowers: गणपति पूजा के बाद घर में फूलों की माला और डेकोरेशन वाले ढेर सारे फूल बच जाते हैं। चूंकि फूल रोजाना बदले जाते हैं, तो फूल जमा होते जाते हैं। गेंदे, गुलाब और दूसरे फूलों को थोड़ी समझदारी से दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इन्हें खाद से लेकर घर की खुशबू और सजावट तक के काम में इस्तेमाल किया जा सकता है। पूजा के फूलों को इधर-उधर फेंकने के बजाय उनका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
पूजा के बचे फूलों को इस्तेमाल करने का सबसे आसान तरीका उसे पौधों के लिए खाद बनाना है। फूलों से धागा, तार, प्लास्टिक या दूसरी नॉन-बायोडिग्रेडेबल चीजें अलग कर लें। इसके बाद फूलों को छोटे टुकड़ों में काटकर कंपोस्ट में मिला दें। धीरे-धीरे ये जैविक कचरे के साथ मिलकर खाद बन जाते हैं।
अगर आपने ताजा फूल इस्तेमाल किया है, तो उनमें खूशबू बची होगी। ऐसे में उन्हें सुखाकर पोटपौरी बनाई जा सकती है। पंखुड़ियों को साफ ट्रे पर फैलाकर अच्छी तरह सुखाएं। सूखने के बाद इन्हें किसी कटोरी में रखें और धूप की तरह इस्तेमाल करें। आप चाहें तो थोड़े एसेंशियल ऑयल, दालचीनी या लौंग जैसी खुशबूदार चीजें डाल सकते हैं। इससे पूरे घर में भीनी-भीनी खुशबू फैल जाती है।
मुरझाए और सूखे फूलों को फेंकने के बजाय उनसे घर पर धूपबत्ती तैयार किया जा सकता है। सूखे फूलों के साथ आटा, गोबर, गुग्गुल पाउडर और कपूर जैसी सामग्री को मिलाकर धूपबत्ती बना सकते हैं।
फूलों की पंखुड़ियों को किताब के पन्नों के बीच दबाकर कुछ दिनों के लिए रखें। अच्छी तरह सूखने के बाद इन्हें कार्ड, फ्रेम या किसी दूसरे क्राफ्ट प्रोजेक्ट में इस्तेमाल करें। इस तरह यह फूल आपके सजावट के तौर पर यादगार बन जाएंगे।
गेंदे, गुलाब और गुड़हल जैसे फूलों की पंखुड़ियों से प्राकृतिक रंग तैयार किया जा सकता है। पंखुड़ियों को पानी में उबालकर रंग निकाला जाता है, जिसे पेपर या कुछ क्राफ्ट प्रोजेक्ट में इस्तेमाल किया जा सकता है।
अच्छी तरह सूखे फूलों को कांच के जार, छोटे गुलदस्ते या हैंगिंग डेकोरेशन में इस्तेमाल कर सकते हैं। सूखे फूलों को धागे के साथ लटकाकर उनके आसपास फेयरी लाइट्स लगाकर घर में डेकोरेटिव पीस की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं।