जानिए हिंदी और विश्व हिंदी दिवस में अंतर (सौ.सोशल मीडिया) 
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हिंदी दिवस से कितना अलग है विश्व हिंदी दिवस, जानिए तारीख और इसके पीछे की कहानी

हिंदी दिवस के खास मौके पर जानें तो हिंदी को जन-जन की भाषा के रूप में भी जाना जाता है औए इस भाषा को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए इसका प्रसार दुनियाभर में किया जाता है। लेकिन केवल 14 सितंबर को ही हिंदी दिवस नहीं मनाते है बल्कि 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है जो पूरी दुनिया में हिंदी का प्रचार करता है और इसकी महत्ता को बढ़ावा देता है।

दीपिका पाल

भारत में हिंदी दिवस हर साल की तरह 14 सितंबर को मनाया जाने वाला है जो हमारी मातृभाषा हिंदी को समर्पित दिनों में से एक होता है। यही वह मौका होता है जब हम अपनी मातृभाषा हिंदी के प्रति सम्मान दर्शाते है। वैसे तो हिंदी दिवस को मनाने की सही तारीख 14 सितंबर है लेकिन क्या आप जानते है हिंदी दिवस, साल में दो बार मनाया जाता है। जी हां हिंदी दिवस के अलावा विश्व हिंदी दिवस मनाते है जो साल के पहले महीने यानि 10 जनवरी को होता है।

वैसे तो हिंदी भारत की मातृभाषा है लेकिन यह दुनिया के कई देशों में भी कही जाती है। इसमें ही भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका में भी बोली जाती है. इसके अलावा दुनिया के कई देशों में यह भाषा लोकप्रिय है और मॉरीशस जैसे देशों में भी बोली जाती है।

साल में दो बार क्यों मनाते है हिंदी दिवस

यह खास दिन हिंदी दिवस के खास मौके पर जानें तो हिंदी को जन-जन की भाषा के रूप में भी जाना जाता है औए इस भाषा को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए इसका प्रसार दुनियाभर में किया जाता है। लेकिन केवल 14 सितंबर को ही हिंदी दिवस नहीं मनाते है बल्कि 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है जो पूरी दुनिया में हिंदी का प्रचार करता है और इसकी महत्ता को बढ़ावा देता है।

हिंदी दिवस औऱ विश्व हिंदी दिवस अलग क्यों

14 सितंबर वाले हिंदी दिवस के इतिहास की बात की जाए तो, हिंदी भाषा को मान्यता देते हुए 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को देश की आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया था. हिंदी भाषा देश के अधिकतर क्षेत्रों में बोली जाती जिस कारण हिंदी को राजभाषा बनाने का निर्णय लिया गया था। इस दिवस की खास बात रही है कि, इस 14 तारीख को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने चुना था। साल 1918 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हिन्दी साहित्य सम्मेलन में हिन्दी भाषा को राजभाषा बनाने पर जोर दिया था और इसे जनमानस की भाषा भी कहा था।

इसके अलावा विश्व हिंदी दिवस की बात करें तो, पूरी दुनिया में 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसके मनाने का उद्देश्य हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता पैदा करना और वैश्विक स्तर पर इसे एक अन्तरराष्ट्रीय भाषा के रूप में पेश करना है। इसके इतिहास की मानें तो, वैश्विक स्तर पर इसे बढ़ावा देने के लिए पहला आयोजन 10 जनवरी 1974 को महाराष्ट्र के नागपुर में किया गया था, इस सम्मेलन में 30 देशों के 122 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। साल 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन किया था। आगे के वर्षों में साल 2006 तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।

61 करोड़ लोगों द्वारा बोली जाती है हिंदी

यहां पर हम वर्ल्ड लैंग्वेज डेटाबेस के अनुसार जानकारी दे तो, हिंदी भाषा वर्तमान समय में 61 करोड़ लोगों द्वारा बोली जाती है इतना ही नहीं हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलनों का आयोजन किया जाता है। बता दें कि, विश्व हिन्दी सचिवालय मॉरीशस में स्थित है, यह सचिवालय भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए 11 फरवरी 2008 से कार्यरत है।

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