Japanese Philosophies: कई बार हमारे जीवन में सबकुछ अच्छा चल रहा होता है, लेकिन फिर भी दिमाग कहीं और लगा होता है और मन किसी भी चीज में नहीं लगता है। रोज का काम, जिम्मेदारियां, रिश्ते और भविष्य की चिंता हमारे मन को इस कदर जकड़ लेती है कि किसी और चीज के लिए जगह ही नहीं बचती है। छोटी-छोटी खुशियां भी नजर नहीं आतीं। ऐसे समय में जरूरी नहीं कि जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया जाए। कई बार सिर्फ उसे देखने का नजरिया बदलना ही काफी होता है।
जापानी संस्कृति में जीवन जीने की ऐसी कई कलाएं हैं, जो हमें ठहरने, खुद को समझने और रोजमर्रा की जिंदगी में मौजूद छोटी खुशियों को महसूस करने की याद दिलाती हैं। आज इनमें से पांच विचारों को आपने लिए लाएं हैं, आइए जानते हैं-
इसका सामान्य अर्थ है- जिसे बदला नहीं जा सकता।
इसका मतलब यह नहीं कि कोशिश करना छोड़ दें। बल्कि यह समझना है कि हर परिस्थिति हमारे नियंत्रण में नहीं होती। कुछ चीजों को बदलने की कोशिश में लगातार अपनी ऊर्जा खर्च करने के बजाय उस पर ध्यान देना बेहतर है, जिस पर वास्तव में आपका नियंत्रण है। कभी किसी फैसले का नतीजा आपके मन मुताबिक नहीं आया या कोई परिस्थिति आपके हाथ से बाहर हो गई, तो खुद को बार-बार दोष देने के बजाय आगे बढ़ने की कोशिश करें।
क्या आपने कभी महसूस किया है कि दूसरे लोग आपसे आगे निकल रहे हैं? किसी का करियर बेहतर लग सकता है, कोई जल्दी घर बसा सकता है या किसी की उपलब्धियां देखकर आपको अपनी जिंदगी में कमी महसूस होने लगती है। यह हमें याद दिलाता है कि हर व्यक्ति का विकास और समय अलग होता है। जैसे अलग-अलग फूल अपने-अपने मौसम में खिलते हैं, वैसे ही हर इंसान की जिंदगी की अपनी गति होती है। इसलिए किसी और की टाइमलाइन को अपनी सफलता का पैमाना न बनाएं, बल्कि खुद पर फोकस करें।
बड़े होने के साथ हम अक्सर छोटी चीजों को लेकर उत्साहित होना भूल जाते हैं। बचपन में नई जगह जाना, कोई पसंदीदा गाना सुनना या कुछ नया सीखना भी खुशी देता था। वाकु-वाकु दोबारा से हमें यही सीखाता है। इसके लिए हमेशा कोई बड़ी उपलब्धि जरूरी नहीं। कोई नई किताब, पसंदीदा खाना, अचानक बनाई गई छोटी ट्रिप या कोई नई हॉबी भी आपकी जिंदगी में एक्साइटमेंट वापस ला सकता है।
हम हर बात को समझना और उसका कारण जानना चाहते हैं। लेकिन जिंदगी की कुछ खूबसूरत चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें पूरी तरह शब्दों में समझाया नहीं जा सकता। यूगेन उस गहराई और सुंदरता को रहस्यों के साथ ही छोड़ देना सिखाता है। हर अनुभव का तुरंत एनालिसिस करने की बजाय कभी-कभी उसे वैसे ही महसूस करना भी जरूरी है।
शाम का आसमान, बारिश की आवाज या किसी पुराने गाने से अचानक जुड़ी याद—इनका आनंद लेने के लिए किसी लॉजिक की जरूरत नहीं होती है।
बुशिंदो, पारंपरिक रूप से जापानी समुराई के आचार-संहिता से जुड़ा है। इसमें सम्मान, अनुशासन और ईमानदारी जैसे मूल्यों पर जोर दिया जाता है। आज के जीवन में इसे इस तरह समझा जा सकता है कि आप खुद से पूछें कि मेरे लिए वास्तव में क्या महत्वपूर्ण है?
जब आपके फैसले आपके मूल्यों के अनुरूप होते हैं, तो जीवन में क्लेरियटी बढ़ जाती है। सिर्फ दूसरों को प्रभावित करने के लिए फैसले लेने के बजाय खुद को संतोष देने वाले फैसले लिए जाएं।
इन जापानी फिलॉसफी को किसी जादुई फॉर्मूला की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। लेकिन ये हमें एक जरूरी बात जरूर याद दिलाती है कि खुश रहने के लिए हर बार जिंदगी को पूरी तरह बदलना जरूरी नहीं होता। कई बार हमें अपनी नजर बदलने की जरूरत होती है।
जो नहीं बदल सकता उसे स्वीकार करना, अपनी तुलना दूसरों से न करना, छोटी चीजों में एक्साटमेंट ढूंढना, हर सवाल का जवाब पाने की कोशिश नहीं करना और अपने मूल्यों पर जीना, इससे जिंदगी आसान होती है।