शतरंज दिवस (फोटो.सोशल मीडिया)  
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International Chess Day 2026: बच्चों का दिमाग तेज बनाने में कैसे मदद करता है शतरंज? जानें इसके फायदे

Child Brain Development: विश्व के लाखों-करोड़ों लोग शतरंज खेलते हैं। शतरंज रणनीतिक सोच, समस्या का समाधान और एकाग्रता जैसे कौशल विकसित करने में मदद करता है। आइए जानते हैं शतरंज दिवस के बारे में।

रीता राय सागर

Chess Day 2026: शतरंज को दिमाग का खेल कहा जाता है। शतंरज ऐसा खेल है जिसे सदियों से खेला जाता रहा है और इस खेल को साल 1966 में यूनेस्को के जरिए पहचान मिली थी। हर साल 20 जुलाई के दिन अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद शतरंज को शिक्षा, तार्किक सोच को बढ़ाने और संस्कृति के आदान-प्रदान के रूप में प्रसारित करना है। साल 1994 में 20 जुलाई के ही दिन इंटरनेशनल चेस फेडरेशन की स्थापना भी हुई थी।

शतरंज दुनिया भर में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले खेलों में से एक है। दुनिया भर में लोग अपने घर, कैफे, पार्क और पुस्तकालय में शतरंज के जरिए लोग एकत्रित होते हैं और इसे खेलते हैं।

शतरंज केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि दिमाग को गहराई से सोचने, रणनीति बनाने और निर्णय लेने की चुनौती देने वाला खेल है।

शतरंज याददाश्त को बेहतर बनाता है

शतरंज के अनुभवी खिलाड़ियों की याददाश्त काफी तेज होती है। दिलचस्प बात यह है कि अनुभवी शतरंज खिलाड़ियों की सुनने की क्षमता भी सामान्य लोगों की तुलना में बेहतर होती है यानी वे सुनी हुई जानकारी को लंबे समय तक याद रखने में अधिक सक्षम होते हैं।

शतरंज आपको 'फ्लो स्टेट' में पहुंचने में मदद करता है

फ्लो स्टेट वह मानसिक अवस्था होती है, जिसमें व्यक्ति पूरी तरह अपने काम में डूब जाता है और उसका पूरा ध्यान केवल उसी कार्य पर केंद्रित रहता है। खिलाड़ी, कलाकार और संगीतकार अक्सर इस अनुभव का जिक्र करते हैं, जहां वे अपने काम में इतने रम जाते हैं कि उन्हें समय का एहसास तक नहीं होता।

मस्तिष्क पर किए गए शोध बताते हैं कि जब कोई व्यक्ति फ्लो स्टेट में होता है, तो उसके दिमाग में थीटा वेव्स का स्तर बढ़ जाता है। अनुभवी शतरंज खिलाड़ियों के मस्तिष्क की जांच में भी कठिन मुकाबलों के दौरान इसी तरह की गतिविधि पाई जाती है।

शतरंज दिवस (फोटो.सोशल मीडिया)

शतरंज बेहतर योजना बनाने की क्षमता विकसित करता है

शतरंज ऐसा खेल है जिसमें हर चाल सोच-समझकर चली जाती है। खिलाड़ी अपनी चाल चलने से पहले प्रतिद्वंद्वी की प्रतिक्रिया का अनुमान लगाते हैं और यह आगे की रणनीति तैयार करने में मदद करते हैं।

इस आदत का सकारात्मक प्रभाव रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ता है। नियमित रूप से शतरंज खेलने वाले लोग बेहतर योजना बनाने और सोच-समझकर निर्णय लेने की क्षमता अधिक होती है। शतरंज के खिलाड़ियों में रणनीतिक सोच बेहतर होती है, वे किसी भी निर्णय को लेने से पहले उसके सभी पहलुओं पर विचार करते हैं।

शतरंज और रचनात्मकता

एक साधारण शतरंज की बिसात में केवल 64 खाने होते हैं, लेकिन हर मोहरे की चाल अलग होती है। खिलाड़ियों को यह समझना होता है कि किसी एक मोहरे या कई मोहरों को मिलाकर किस तरह ऐसी रणनीति बनाई जाए, जिससे जीत हासिल की जा सके। यही प्रक्रिया बच्चों की कल्पनाशक्ति, रचनात्मक सोच और समस्या सुलझाने की क्षमता को लगातार मजबूत बनाती है।

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