सीमा कुमारी
नई दिल्ली: मौजूदा समय में अधिकतर लोग अपना खाना पैक करने के लिए 'एल्युमिनियम फॉयल' (Aluminium Foil) का इस्तेमाल खूब करते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि, इसमें खाना गर्म रहने के साथ ही फ्रेश भी बना रहता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि फॉयल पेपर में खाना खाने के फायदों से ज्यादा नुकसान है। फॉयल पेपर किडनी से लेकर हड्डियों तक को नुकसान पहुंचाता है। फॉयल पेपर अल्जाइमर जैसी बीमारी का कारण बन सकता है। आइए जानें फॉयल पेपर में खाना खाने के कौन-कौन से नुकसान है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि आप हर दिन एल्युमिनियम फॉयल में खाना पैक करते हैं और उसका घंटों बाद सेवन करते हैं तो यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को भी कमजोर कर सकता है, जिससे आपके शरीर की बीमारियों और इंफेक्शन से लड़ने की ताकत भी कम हो सकती है। ऐसे में आप बार-बार बीमार पड़ सकते है।
रिसर्च के मुताबिक, भोजन में एल्युमिनियम कंटेंट मिक्स हो जाते हैं, जिससे आगे जाकर बच्चों की सेहत, उनकी हड्डियों को नुकसान पहुंच सकता है। चूंकि, हमारा वातावरण आज फ्रेंडली नहीं है, कई तरह के बैक्टीरिया, वायरस, प्रदूषण आदि हैं, ऐसे में जरूरी है कि सही और हेल्दी चीजों का चुनाव करें।
यदि एल्युमिनियम के बर्तन या फॉयल पेपर से थोड़ा सा भी सेहत को नुकसान पहुंचने की संभावना है, तो इसका इस्तेमाल ना करना ही बेहतर है। कुछ लोग रोटी, अचार, सलाद, फल आदि को अखबार में लपेट कर रख देते हैं, इससे भी बचना चाहिए। आप एल्युमिनियम फॉयल की जगह बटर पेपर, साफ कपड़ा, फूड पैकिंग पेपर, बेकिंग पेपर का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये सभी चीजें मार्केट में उपलब्ध हैं और एल्युमिनियम फॉयल के मुकाबले एक हेल्दी विकल्प भी हैं।
रोजाना एल्युमिनियम फाइल में खाना खाने से किडनी की बीमारी के साथ ही हड्डियों का विकास भी रुक जाता है। इसके लगातार इस्तेमाल से हड्डियां कमजोर होने लगती है। एल्युमिनियम फॉयल में यदि दो घंटे से अधिक देर तक फूड रैप करके रखा रहे तो यह शरीर के लिए हानिकारक होता है। इसमें रखे भोजन में धीरे-धीरे एल्युमिनियम मिक्स हो जाता है, जो शरीर में जाकर जिंक की जगह लेता है। जिंक रिप्लेसमेंट के कारण शरीर में इंसुलिन के बैलेंस में गड़बड़ी आ सकती है। इससे डायबिटीज होने की संभावना बढ़ सकती है।