How To Increase Flowers In Hibiscus Plant: अधिकतर घरों में गुड़हल के फूल को आपने देखा होगा। यह पौधा फूलों से लदा आपके घर की बालकनी या बगीचे की खूबसूरती को और बढ़ा देता है। खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ इसका इस्तेमाल पूजा-पाठ में भी किया जाता है।
इसलिए लोग बड़े उत्साह के साथ इसका पौधा लगाते हैं। लेकिन कई बार गुड़हल के पौधे में सही पोषण ना मिलने या फिर गलत देखभाल की वजह से फूलों की कलियां आना बंद हो जाती है। हम आपको कुछ ऐसा उपाय बताएंगे जिससे गुड़हल का पौधा फूलों से भर जाएगा।
गुड़हल के पौधे में नहीं आ रही कलियां तो, केले के छिलके का पानी इस्तेमाल कर सकते है। केले के छिलके का पानी बनाने के लिए 2 से 3 केले के छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इसके बाद इसे 1 लीटर पानी में 24 से 48 घंटे के लिए भिगो दें। इसके बाद इस पानी को छान लें। फिर इस पानी को गुड़हल के पौधे की जड़ों में डाल दें। 15 दिन बाद पौधे में केले के छिलके का पानी डालें।
गुड़हल के पौधों में फूल आने के लिए केले के छिलके का पानी का इस्तेमाल के अलावा रोजाना कम से कम 2 से 3 घंटे की धूप में रखें। गर्म और हवादार वातावरण से पौधे में फूल खिलने की संभावना बढ़ जाती है इसलिए पौधे को धूप में रखें।
गुड़हल के पेड़ में फूल ना आने का कारण पोषण की कमी और सही खाद भी बताया जाता है। गुड़हल को नियमित पोषण की जरूरत होती है। इसलिए ध्यान रहे कि इस पौधे को ज्यादा नाइट्रोजन वाली खाद न दें, क्योंकि इससे केवल पत्तियां बढ़ती हैं, फूल नहीं। पौधे के लिए पोटेशियम से भरपूर खाद का इस्तेमाल करें। आप महीने में एक बार वर्मीकम्पोस्ट या गोबर की खाद के साथ थोड़ा सा रॉक फॉस्फेट या केले के छिलके की सूखी खाद मिला सकते हैं।
गुड़हल के पेड़ में फूल ना आने का कारण कीड़े या फिर फंगस की वजह से भी फूल आना बंद हो जाते हैं। फंगस और कीट की समस्या से राहत पाने के लिए आप नीम ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। नीम के तेल को पौधे की मिट्टी में डालें. हर 15 दिन में मिट्टी और पौधे की जड़ों में नीम ऑयल डाल सकते हैं।