अल्जाइमर की बीमारी (सौ. डिजाइन फोटो) 
हेल्थ

भूलकर भी नजरअंदाज न करें ये संकेत, अल्जाइमर की बीमारी का देते है अलर्ट, जानिए

Signal for Alzheimer: अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारी का संकेत देते है। पहले इस बीमारी से बुजुर्ग पीड़ित होते थे लेकिन अब यह छोटे बच्चों और हर वर्गों की सेहत पर भी बुरा असर डाल रहा है।

दीपिका पाल

Alzheimer Day 2025: दुनियाभर में आज यानि 21 सितंबर को World Alzheimer’s Day के तौर पर मनाया जा रहा है। यह दिन अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारी का संकेत देते है। पहले इस बीमारी से बुजुर्ग पीड़ित होते थे लेकिन अब यह छोटे बच्चों और हर वर्गों की सेहत पर भी बुरा असर डाल रहा है। अल्जाइमर बीमारी के लक्षण क्या होते है और यह किस तरह से व्यक्ति के जानलेवा हो सकते है चलिए जान लेते है इस बीमारी को विस्तृत रूप से।

क्या होती है अल्जाइमर की बीमारी और लक्षण

यहां पर दिमाग से जुड़ी बीमारी अल्जाइमर की बात की जाए तो, यह एक neurodegenerative disorder है जिसमें पीड़ित के दिमाग की कोशिकाएं धीरे-धीरे खत्म हो जाती है। यह बीमारी याद्दाश्त कमजोर करने औऱ व्यक्ति की सोचने -समझने की क्षमता को प्रभावित करते है। इस बीमारी से व्यक्ति सामान्य व्यवहार का नहीं रह पाता है यह उसके व्यवहार में बदलाव नजर आता है। यह समस्या अधिकतर बुजुर्गों में पाई जाती है, लेकिन शुरुआती लक्षणों को पहचानकर इलाज खोजा जाता है। ये लक्षण पहचानें

  • बार-बार गुस्सा आना या चिड़चिड़ापन बढ़ना
  • रोजमर्रा की चीजें भूल जाना
  • बार-बार एक ही सवाल पूछना
  • फैसले लेने में कठिनाई
  • अचानक लोगों से मिलना बंद कर देना

तुरंत करवाएं इलाज

अगर आपको इन लक्षणों में एक लक्षण काफी समय से परेशान कर रहा है तो तुरंत स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना चाहिए।अगर अल्जाइमर को समय रहते पहचान लिया जाए तो इसको कम किया जा सकता है। इसके अलावा थेरेपी भी दी जा सकती है। किसी प्रकार की परेशानी में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। बुजुर्गों की हरकतों में अचानक बदलाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

कैसे रखें बीमारी में ख्याल

आप लक्षणों को पहचानने के बाद बीमारी में अपनी सेहत का ख्याल रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रख सकते है।

1- दिमाग की सेहत को हेल्दी बनाने के लिए  crossword, memory games खेलना शुरु करें फायदा मिलेगा।

2- संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित योग बीमारी से लड़ने में मदद करता है।

3- मरीज को परिवार और दोस्तों से भावनात्मक सहारा मिलना बेहद जरूरी है।

अल्जाइमर कोई साधारण भूलने की आदत नहीं है, बल्कि एक गंभीर बीमारी है। यदि बार-बार गुस्सा आना, भूलना या सामाजिक गतिविधियों से दूर रहना जैसे संकेत दिखें तो इसे नजरअंदाज़ न करें।

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