वर्कआउट एंड पीरियड्स फोटो.सोशल मीडिया
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Periods Workout: पीरियड्स में वर्कआउट छोड़ना जरूरी है या हल्की एक्सरसाइज से मिल सकती है राहत?

Periods Workout Tips: पीरियड्स में जिम जाना चाहिए या आराम करना बेहतर है? जानें वॉकिंग, स्ट्रेचिंग, योग और वेट ट्रेनिंग में क्या सावधानियां रखनी चाहिए और किन लक्षणों में एक्सरसाइज रोक देनी चाहिए।

रीता राय सागर

Highlights:

  • पीरियड्स में हल्की वॉकिंग, स्ट्रेचिंग और योग से कुछ महिलाओं को राहत मिलती है।

  • स्वस्थ महसूस करने पर अपनी क्षमता के अनुसार वर्कआउट जारी रखना चाहिए।

  • तेज दर्द, चक्कर या बहुत ज्यादा रक्तस्राव होने पर मेडिकल सलाह लें।

Exercise During Periods: पीरियड्स के दौरान पेट में ऐंठन, कमर दर्द, थकान और भारीपन महसूस होता है औऱ इस दौरान कई महिलाएं जिम जाना या एक्सरसाइज करना छोड़ देती हैं। वहीं, कुछ महिलाएं अपने सामान्य वर्कआउट रूटीन को जारी रखती हैं। ऐसे में सवाल आता है कि क्या पीरियड्स में एक्सरसाइज करने से दर्द बढ़ सकता है या हल्की फिजिकल एक्टिविटी से राहत मिलती है?

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप सहज महसूस कर रही हैं, तो पीरियड्स के दौरान हल्की एक्सरसाइज करना सुरक्षित है। हालांकि, वर्कआउट का चुनाव आपकी एनर्जी, दर्द और शारीरिक स्थिति के हिसाब से होना चाहिए।

पीरियड्स में कौन-सी एक्सरसाइज कर सकती हैं?

हल्की वॉकिंग

अगर पीरियड्स के दौरान ज्यादा थकान या दर्द नहीं है, तो 10-20 मिनट की आरामदायक वॉक से शुरुआत कर सकती हैं। इससे शरीर सक्रिय रहता है और कुछ महिलाओं को ऐंठन व मूड स्विंग में राहत मिलती है। अपनी सुविधा के अनुसार समय बढ़ाएं।

हल्की स्ट्रेचिंग

कमर और पेट के आसपास खिंचाव महसूस होने पर हल्की स्ट्रेचिंग करने से आराम मिलता है। कैट-काउ स्ट्रेच और चाइल्ड पोज जैसे योगासन आराम से करें। किसी भी पोज में दर्द अधिक महसूस हो, तो उसे तुरंत रोक दें।

योग और ब्रीदिंग एक्सरसाइज

धीमी सांस लेने वाली एक्सरसाइज और हल्का योग तनाव कम करने और शरीर को आराम देने में मदद करते हैं। पीरियड्स के दौरान बहुत कठिन पोज करने या शरीर पर दबाव डालने की जरूरत नहीं है।

जिम में हल्का वर्कआउट

अगर आप नियमित रूप से जिम जाती हैं और शरीर ठीक महसूस कर रहा है, तो हल्के वजन या कम इंटेंसिटी वाले वर्कआउट करें। जरूरत के अनुसार सेट कम करें, बीच में आराम लें और उस दिन दबाव न रखें। दर्द या चक्कर महसूस होने पर वर्कआउट रोक दें।

क्या पीरियड्स में भारी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए?

पीरियड्स के दौरान हर महिला के लिए भारी एक्सरसाइज पर रोक नहीं है। अगर आप स्वस्थ हैं, नियमित ट्रेनिंग करती हैं और कोई परेशानी नहीं हो रही, तो अपनी क्षमता के अनुसार सामान्य वर्कआउट जारी रख सकती हैं। लेकिन बहुत ज्यादा दर्द, कमजोरी या थकान होने पर आराम करना बेहतर है। बहुत अधिक एक्सरसाइज के साथ पर्याप्त भोजन न लेना भी मासिक धर्म को प्रभावित कर सकता है।

इन स्थितियों में वर्कआउट रोकें

अगर तेज या असामान्य पेट दर्द, चक्कर, बेहोशी जैसा महसूस होना, सांस फूलना या बहुत ज्यादा कमजोरी हो, तो एक्सरसाइज न करें। पीरियड्स में रक्तस्राव इतना अधिक हो कि हर घंटे पैड बदलनी पड़ रही है, तो वर्कआउट न करें।

पीरियड्स में शरीर के संकेत समझें

पीरियड्स के दौरान हर दिन की ऊर्जा एक जैसी नहीं होती। किसी दिन वॉकिंग पर्याप्त हो सकती है, तो किसी दिन आपका सामान्य वर्कआउट भी सहज लग सकता है। पानी पीते रहें, पर्याप्त भोजन करें और जरूरत के अनुसार आराम लें। पीरियड्स में एक्सरसाइज करना अनिवार्य नहीं है और न ही हर बार इसे छोड़ना जरूरी है। अपने शरीर के संकेतों के अनुसार फैसला लेना सबसे बेहतर तरीका है।

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