कॉफी (सौ. फ्रीपिक) 
हेल्थ

आप भी हैं कॉफी लवर? तो जान लीजिए एक दिन में कितनी कॉफी पीना है सेफ, वरना पड़ेगा पछताना!

Coffee Safe Limit: आज के समय में कॉफी कई लोगों की डेली रूटीन का अहम हिस्सा बन चुकी है लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

प्रीति शर्मा

Side Effects of Coffee: नींद भगाना हो या ऑफिस का स्ट्रेस कम करना कॉफी हम में से कई लोगों की लाइफलाइन है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी पसंद की कॉफी कब दवा से जहर बन जाता है। स्ट्रेस और काम के दवाब में हम कई कप कॉफी पी जाते हैं जो शरीर के लिए सही नहीं मानी जाती है।

दुनिया भर में पानी के बाद सबसे ज्यादा पिया जाने वाला पेय पदार्थ कॉफी है। इसमें मौजूद कैफीन न केवल आपको इंस्टेंट एनर्जी देता है बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है। लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब हम स्वाद या लत के चक्कर में इसकी सुरक्षित सीमा को पार कर जाते हैं।

कितने कप है आपकी सेफ

यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और अधिकांश स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एक स्वस्थ वयस्क के लिए दिन भर में 400 मिलीग्राम कैफीन सुरक्षित माना जाता है। अगर इसे कप के हिसाब से समझें तो यह लगभग 3 से 4 कप कॉफी के बराबर है। हालांकि यह मात्रा हर व्यक्ति के शरीर की सहनशक्ति पर निर्भर करती है।

अनिद्रा और एंग्जायटी

कैफीन सीधे आपके नर्वस सिस्टम पर असर डालता है। ज्यादा सेवन से एड्रेनालाईन हार्मोन बढ़ जाता है जिससे घबराहट, बेचैनी और रात को नींद न आने की समस्या हो सकती है।

पाचन तंत्र पर असर

कॉफी एसिडिक होती है। खाली पेट या जरूरत से ज्यादा कॉफी पीने से एसिड रिफ्लक्स, सीने में जलन और पेट खराब होने जैसी समस्याएं आम हैं।

कॉफी पीती महिला (सौ. फ्रीपिक)

हड्डियों की कमजोरी

शोध बताते हैं कि कैफीन का अधिक सेवन शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को कम कर देता है जिससे समय के साथ हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।

हृदय गति का बढ़ना

जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारी है उनके लिए कैफीन का ओवरडोज हार्ट पल्पिटेशन यानी दिल की धड़कन तेज होने का कारण बन सकता है।

हार्मोनल असंतुलन

महिलाओं में ज्यादा कैफीन का सेवन पीरियड साइकिल को प्रभावित कर सकता है और स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ा सकता है।

कब हो जाएं सावधान

यदि कॉफी पीने के बाद आपको कंपकंपी, बार-बार पेशाब आना, सिरदर्द या चिड़चिड़ापन महसूस हो रहा है तो समझ लीजिए कि आपका शरीर कैफीन की ओवरडोज का सिग्नल दे रहा है।

कॉफी पीना बुरा नहीं है बशर्ते आप मात्रा का ध्यान रखें। कोशिश करें कि शाम 4 बजे के बाद कॉफी न पिएं ताकि आपकी रात की नींद प्रभावित न हो। याद रखें संतुलन ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए सुझाव केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें। नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

गूंज नहीं, सीधा धमाका, DUSU में ABVP की जीत से गदगद हुई BJP, कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना

हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता देश के लिए खतरा, हामिद अंसारी के बयान बवाल, BJP ने किया पलटवार

सहारनपुर से चुनावी आगाज की परंपरा जारी रखेगी BJP? राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दौरे से सियासी हलचल तेज

दिल्ली में वोटर लिस्ट से कटेगा केजरीवाल का नाम, चुनाव आयोग ने भेजा SIR का नोटिस, पूर्व CM से मांगे कागज

ABVP ने DUSU चुनाव में लहराया परचम, जीत के बाद यश डबास की पहली प्रतिक्रिया, बोले- हमारे साथ हैं Gen Z