Night Habits For Healthy Aging: बढ़ती उम्र के साथ याददाश्त कमजोर होना और सोचने-समझने की क्षमता में बदलाव आना स्वाभाविक है। स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर उम्र संबंधी समस्याओं को कम किया जा सकता है। अच्छी नींद, नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और सही समय पर खाना जैसी आदतें न केवल शरीर बल्कि बढ़ती उम्र और याददाश्त के लिए भी फायदेमंद हो सकती हैं।
क्या आप रात का खाना ठीक सोने से पहले खाते हैं? अगर हां, तो अपनी इस आदत को बदलने की जरूरत है। सोने से 3 से 4 घंटे पहले डिनर करने और भोजन के लिए एक फिक्स टाइम अपनाने से बढ़ती उम्र में दिमाग को स्वस्थ रखता है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि सही समय पर खाना खाने से सिर्फ पाचन ही नहीं, बल्कि नींद, मेटाबॉलिज्म और ब्रेन हेल्थ पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
अमेरिका की Rutgers University के शोधकर्ताओं के अनुसार, दिनभर में खाए जाने वाले हर भोजन का टाइम फिक्स रखना चाहिए, इससे बढ़ती उम्र में सोचने-समझने की क्षमता में गिरावट का जोखिम कम होता है। शोध में पाया गया कि लंबे समय तक लगातार कुछ न कुछ खाते रहने की बजाय भोजन के बीच पर्याप्त अंतर रखने से शरीर की जैविक प्रक्रियाओं को आराम मिलता है, जिसका असर मस्तिष्क पर भी पड़ सकता है।
वहीं, हार्वर्ड के एक्सपर्ट का कहना है कि दिमाग को लंबे समय तक हेल्दी बनाए रखने के लिए सिर्फ क्या खाना है, यह जरूरी है और इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि कब खाना है। पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और संतुलित खानपान के साथ सही डिनर टाइम बढ़ती उम्र में भी लाइफस्टाइल संबंधी बीमारियों को दूर रखता है।
खाना खाने के तुरंत बाद सो जाने से शरीर पाचन का काम में लगा रहता है। यदि डिनर और नींद के बीच 3-4 घंटे का अंतर रखा जाए, तो शरीर को भोजन पचाने का पर्याप्त समय मिलता है। इससे रात की नींद बेहतर होती है और बॉडी रिपेयर होता है, साथ ही ब्रेन का क्लीन अप भी ढंग से हो पाता है।