Sugar Cravings Control Tips: शुगर क्रेविंग बहुत आम बात है। जिस प्रकार किसी को तीखा या चटपटा खाना पसंद होता है, उसी तरह मीठा पसंद होना भी नॉर्मल है। लेकिन यदि आपको जरूरत से ज्यादा या फिर हर वक्त मीठा खाने की तलब होती है, तो इसका अर्थ है शरीर में किसी विटामिन की कमी।
इसके अलावा, वजन बढ़ने के साथ-साथ बहुत अधिक चीनी का सेवन कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को भी न्योता देता है। इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है और साथ ही अधिक मीठा दांतों को भी खराब करता है।
शरीर में मैग्नीशियम या क्रोमेनियम की कमी से मीठा खाने की लालसा बढ़ती है। इनका काम शरीर में इंसुलिन को बैलेंस करना है। इसके अलावा विटामिन बी की कमी भी एक कारण हो सकता है। विटामिन बी ही हमारे मूड स्विंग को भी कंट्रोल करता है। शरीर में विटामिन बी1, बी2, बी3 और बी5 का होना आवश्यक है। इससे शरीर में एनर्जी बनी रहती है।
जब शरीर में ब्लड शुगर लेवल लो हो जाता है, तब इसे उठाने के लिए शरीर मीठे की डिमांड करता है और शुगर क्रेविंग होती है। ऐसे में जब हम मीठा खाते हैं, तो ब्लड शुगर स्तर बढ़ जाता है और उस समय शरीर इंसुलिन रिलीज करता है। इंसुलिन ब्लड शुगर लेवल को कम करता है, जिससे ऐसे खाने की इच्छा होती है, जिससे तुरंत ऊर्जा मिले।
जब भी कोई टेंशन या तनाव में होता है, तो उसका कोर्टिसोल बढ़ता है, जिससे मीठा खाने की इच्छा होती है। खासतौर से जब चिंतित या परेशान होते हैं, तो कई लोग भावनात्मक राहत के लिए भी मिठाई का रुख करते हैं।
नींद का संबंध हमारे शरीर में होने वाली हर घटना से है। नींद की कमी से भूख बढ़ाने वाले हार्मोन घ्रेलिन में बढ़ोतरी होती है, जबकि लेप्टिन में कमी आती है, जो शरीर में संतोष का संकेत देने वाला हार्मोन है। ऐसे में नियमित रूप से मीठा खाने की आदत आपके टेस्ट बड्स को अधिक मीठा खाने के लिए उकसाती है।
गट में अनहेल्दी बैक्टीरिया बढ़ने को डिस्बायोसिस कहा जाता है। इससे चीनी और प्रोसेस्ड फूड खाने की इच्छा बढ़ जाती है। लैक्टोबेसिलस जॉनसन जैसे गुड बैक्टीरिया की कमी के चलते शरीर में कार्ब्स, फैट्स और मीठे की इच्छा बढ़ने लगती है। ऐसे में मीठा खाने से बचने के लिए पेट के बैक्टीरिया को बैलेंस करने की कोशिश करनी चाहिए।
वॉक पर जाना एक बेहद हेल्दी एक्टिविटी है, लेकिन इसका मकसद ध्यान भटकाना है यानी जब आपको शुगर क्रेविंग हो, तब आप टहलने निकल जाएं। ताजी हवा में वॉक करने से आपका माइंड डायवर्ट होगा। चलने से ब्रेन में एंडोर्फिन रिलीज होता है, जो फील गुड के लिए जिम्मेदार होता है।
जब भी आपको लगे कि मीठा खाने का मन कर रहा है, तो आप पहले एक गिलास ठंडा पानी पिएं, इससे आपकी भूख शांत होगी और फिजूल में कैलोरी बढ़ाने से बच जाएंगे।
शुगर क्रेविंग तब होती है, जब विटामिन्स की कमी होती है। ऐसे में अपनी डाइट को हेल्दी रखना चाहिए। हालांकि कभी-कभी मीठा खाना भी जरूरी होता है। खाने से पहले कुछ हेल्दी मीठा खाना मुंह में स्लाइवा के प्रोडक्शन को बढ़ाता है, जिससे खाना पचाना आसान हो जाता है।
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तनाव हर बीमारी की जड़ है। इसलिए स्ट्रेस को मैनेज करना सबसे जरूरी है। इसके लिए योग व ध्यान सबसे बेहतरीन उपाय हैं।
कभी-कभी आपका बस कुछ मीठा खाने का मन करता है, ऐसे में मिठाई खाने के बजाय एक फल खा लें। ये न केवल मीठे होते हैं बल्कि पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।