अल्जाइमर बीमारी (सौ.सोशल मीडिया) 
हेल्थ

दूसरी बीमारियों का खतरा बढ़ाती हैं अल्जाइमर की बीमारी, जानिए कैसे रखें ख्याल

अल्जाइमर का खतरा बुजुर्गो के अलावा ऐसे लोगों को भी प्रभावित कर सकता है जो डिप्रेशन और गहरे तनाव की समस्या से जूझ रहा है। इस बीमारी को लेकर कई अनदेखे पहलू सामने आए है जिसके बारे में इस लेख में जानेंगे।

दीपिका पाल

दुनियाभर में कई बीमारियों का जाल फैला हुआ है। जहां पर कई बीमारियों के इलाज संभव है तो कई बीमारियां आज भी इलाज की तलाश में है। हाल ही में बॉलीवुड फिल्म सैंयारा रिलीज हुई है इस फिल्म में एक बीमारी अल्जाइमर के बारे में बताया गया कि एक्ट्रेस अनीत पड्डा यानि वाणी अपनी याद्दाश्त खोती जाती है। अल्जाइमर, मानसिक बीमारी है जो सामान्यत: बुढ़ापे में देखने के लिए मिलती है यानि इसके मामले सामने आते है।

अल्जाइमर का खतरा बुजुर्गो के अलावा ऐसे लोगों को भी प्रभावित कर सकता है जो डिप्रेशन और गहरे तनाव की समस्या से जूझ रहा है। इस बीमारी को लेकर कई अनदेखे पहलू सामने आए है जो इस बात की ओर इशारा करते है कि, इसके लक्षण जब गंभीर हो जाए तो, अन्य बीमारियों के पनपने का खतरा बनता है।

पुरानी और लंबी यादों को याद रखना मुश्किल

इस अल्जाइमर नामक बीमारी को लेकर हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया कि, इस बीमारी का पहला लक्षण पीड़ित का मेमोरी लॉस या याद्दाश्त जाना है। इसमें व्यक्ति पुरानी और लंबी समय की यादों को भूल जाता है कुछ याद नहीं रख पाता है। अल्जाइमर बीमारी के पीड़ित इस बीमारी से केवल नहीं अन्य बीमारियों से भी जूझते हुए नजर आते है। इस बीमारी की वजह से मूड हमेशा बिगड़ा हुआ रहता है। यहां पर धीरे-धीरे बिगड़ती याददाश्त को लेकर अवेरनेस अक्सर डिप्रेशन और चिंता का कारण बनती है. जबकि ये शुरू में हल्का हो सकता है, ये अक्सर वक्त के साथ गंभीर हो जाते हैं। यहां पर मरीज अल्जाइमर डिजीज विजुओस्पेशियल फंक्शन के लॉस से जुड़ा हुआ है। इस बीमारी की वजह से व्यक्ति को घर का पता याद नहीं होता है जिससे केयर टेकर के लिए भी मुश्किल बढ़ जाती है।

इन बीमारियों का बढ़ता है खतरा

आपको बताते चलें कि, अल्जाइमर नामक बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को कई प्रकार की बीमारियां हो जाती है। इसमें मरीज अक्सर डायबिटीज और हाई बीपी जैसे दूसरे मेडिकल कंडीशन की वजह से दवा नहीं ले पाते है इसका कारण अल्जाइमर के लक्षण होते है जो प्रभावित करते है। बताया जाता है कि, अल्जाइमर डिजीज विजुओस्पेशियल फंक्शन के लॉस से जुड़ा है. ये घर के बाहर नेविगेट करने में दिक्कत के रूप में सामने आ सकता है, और एड्वांसिंग अल्जाइमर डिजीज वाले मरीजों के लिए घर का रास्ता भूल जाना अनकॉमन नहीं है।

देखभाल करने वालों के लिए परेशानी

अल्जाइमर रोग की स्थिति में ऐसा होता है कि, इसका खतरा रोगी पर पड़ जाता है इसके लिए लगातार सुपरविजन, फिजिकल, इमोशनल और फाइनेंशियल हेल्प की जरूरत देने वाले लोगों के लिए परेशानी है। कई बार हम अल्जाइमर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति अपने करीबी और गहरे रिश्तों पर भी बुरा असर डालता है। यहां पर देखभाल करने वाले लोगों को जानना चाहिए कि, अपनी रेगुलर स्लीप और भोजन के समय, एक्सरसाइज और मेडिटेशन को फॉलो का पालन करके अपनी सेहत का ख्याल रखें। इस बीमारी के पीड़ित लोगों को भी सिर्फ वर्कप्लेस से बल्कि बड़े समुदाय से भी सहानुभूति और सपोर्ट की जरूरत होती है।

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