गुजरात की फाफड़ा-जलेबी से लेकर बंगाल की छोलेर दाल और केसरिया चावल तक, त्योहार का स्वाद है अलग।
महाराष्ट्र की कड़कणी और कर्नाटक के येरेयप्पा जैसी कम चर्चित मिठाइयां भी हैं खास।
इन क्षेत्रीय पकवानों से दशहरे के मेन्यू को दें नया स्वाद।
Dussehra Special Recipes: दशहरे पर रावण दहन देखने, परिवार के साथ समय बिताने और त्योहार की मिठाइयों का आनंद लेने की अपनी अलग खुशी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश के अलग-अलग हिस्सों में दशहरा के मौके पर अलग-अलग तरह के पकवान बनाए और खाए जाते हैं। कहीं क्रिस्पी फाफड़ा-जलेबी पसंद की जाती है, तो कहीं चावल और गुड़ से बनी ट्रेडिशनल मिठाइयां।
गुजरात में दशहरे के मौके पर फाफड़ा-जलेबी का कॉम्बिनेशन काफी लोकप्रिय है। कुरकुरे फाफड़े के साथ मीठी जलेबी का स्वाद इसे खास बनाता है।
घर पर कैसे बनाएं: बेसन में नमक, अजवाइन और हल्दी मिलाकर आटा गूंथें। इसे पतला फैलाकर फाफड़े तैयार करें और तल लें। जलेबी के लिए मैदा और दही का घोल तैयार करके जलेबियां तलें और चीनी की चाशनी में डालें। समय कम हो, तो बाजार से फाफड़ा लेकर घर पर जलेबी भी बना सकते हैं।
रावण दहन के बाद कुछ मीठा खाने का मन हो, तो गर्मागर्म जलेबी के साथ ठंडी रबड़ी का मेल ट्राई करें। क्रिस्पी जलेबी और मलाईदार रबड़ी की मिठास इसे त्योहार के लिए खास डेजर्ट बना देती है। यह एक लोकप्रिय मिठाई का कॉम्बिनेशन है।
घर पर कैसे बनाएं: दूध को धीमी आंच पर पकाकर गाढ़ा करें। इसमें स्वादानुसार चीनी, इलायची और कटे हुए मेवे डालें। ठंडा होने पर रबड़ी को ताजी जलेबी के साथ परोसें। चाहें तो बाजार की जलेबी इस्तेमाल करके रबड़ी घर पर बना सकते हैं।
बंगाली त्योहारों की थाली में स्वाद और मिठास का खूबसूरत मेल देखने को मिलता है। छोलेर दाल यानी बंगाली स्टाइल चना दाल को लूची या मीठे स्वाद वाले बसंती पुलाव के साथ परोसा जाता है। हल्दी, साबुत मसाले, घी और किशमिश से तैयार पीले चावल इस मेन्यू को खास बनाते हैं।
घर पर कैसे बनाएं: चना दाल को उबालकर अदरक, जीरा, तेजपत्ता और साबुत मसालों के तड़के में पकाएं। चावल के लिए घी में गोविंदभोग या छोटे दाने वाले चावल को भूनें। केसर, नमक, किशमिश और पानी डालकर चावल पकाएं। दोनों को साथ परोसें।
महाराष्ट्र की कड़कणी एक पतली और कुरकुरी डिश है, जो दिखने में छोटी तली हुई पूरी जैसी लगती है। कुछ परिवारों में इसे नवरात्रि के दौरान देवी को अर्पित किया जाता है। यह उन क्षेत्रीय पकवानों में से है जिनके बारे में दूसरे राज्यों के लोग कम जानते हैं।
घर पर कैसे बनाएं: सूजी, मैदा, थोड़ी चीनी और तेल मिलाकर सख्त आटा गूंथें। इसे कुछ देर ढककर रखें। फिर बहुत पतली पूरियां बेलें, कांटे से छेद करें और मध्यम-धीमी आंच पर कुरकुरा होने तक तलें। ठंडा होने पर चाय के साथ परोसें।
कर्नाटक का येरेयप्पा चावल, गुड़ और नारियल से बनने वाला पारंपरिक मीठा पकवान है। इसका स्वाद गुड़ की मिठास और नारियल की खुशबू से भरपूर होता है। यह दशहरा उत्सव के दौरान कुछ परिवारों में बनाई जाने वाली मिठाइयों में शामिल है।
घर पर कैसे बनाएं: भीगे हुए चावल को नारियल और गुड़ के साथ पीसकर गाढ़ा घोल तैयार करें। इसमें इलायची पाउडर मिलाएं। अब इसे छोटे-छोटे हिस्सों में घी या तेल में सुनहरा होने तक तलें। इसे गर्मागर्म परोसें।