एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर (सौ. पिंटरेस्ट)  
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वर्कप्लेस पर तेजी से बढ़ रहा एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर, कैसे हो जाता है किसी और से प्यार? क्या कहते हैं आंकड़े

Extra marital Affair in Office: इन दिनों अनैतिक संबंधों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। विदेशो में यह सब काफी आम बात है लेकिन अब भारत में भी वर्कप्लेस अफेयर्स का कल्चर तेजी से बढ़ने लगा है।

रीता राय सागर

Extra Marital Affair: एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर इन दिनों आम बात हो गई है। सरकारी से लेकर प्राइवेट दफ्तरों में ये एक सामान्य बात है। हाल ही किए गए एक सर्वे में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एक तरफ जहां भारतीय धर्मशास्त्र में इसे महापाप की श्रेणी में रखा गया है वहीं दूसरी ओर तेजी से बढ़ रहे मामले और भी हैरान करने वाले हैं।

हिंदू धर्म में विवाह एक सामाजिक बंधन है। इसे सात जन्मों का रिश्ता माना जाता है, जहां पति-पत्नी एक-दूसरे के प्रति प्रेम और विश्वास बनाए रखते है। लेकिन अब पति, पत्नी और वो का कल्चर बढ़ता जा रहा है। हाल ही में किए गए एक शोध के अनुसार, नए जमाने का अफेयर स्वाइपिंग से नहीं बल्कि कॉफी मशीन के पास अधिक हो रहा है। 2000 से अधिक इंप्लॉय पर किए गए सर्वे के अनुसार, 40 फीसदी लोग अपने पार्टनर को अपने ऑफिस सहकर्मी के लिए चीट करते है। इसका कारण है दिन का ज्यादातर समय ऑफिस में बिताना। हां, ऑफिस रोमांस का एक पहलू यह भी है कि वहां शादी या कमिटमेंट जैसी कोई बात नहीं होती है। इसे स्ट्रेस रिलीफ या इमोशनल सपोर्ट कहा जाता है।

क्यों होता है एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर?

वक्त के साथ इमोशनल सपोर्ट इसका बड़ा कारण बन जाता है। साथ ही जब शादीशुदा जिंदगी में अपने पार्टनर से उपेक्षा मिलती है, भावनात्मक जुड़ाव नहीं मिलता है, तब वह किसी और की तलाश करता है। एक और कारण शारीरिक आकर्षण भी हो सकता है। कई बार लोग इसलिए भी ऐसा करते हैं कि उन्हें कुछ एक्साइटिंग या नया करना हो। इस तरह के अफेयर का एक पहलू यह भी है कि यदि किसी एक पार्टनर ने विवाहेत्तर संबंधों में चीटिंग की है, तो दूसरा दर्द का जवाब दर्द से देने के लिए अफेयर कर लेता है। इसके अलावा कई बातें अवसर और परिस्थिति पर भी निर्भर करती हैं।

क्या है पति-पत्नी और वो के लिए कानूनी प्रावधान

जानकार बताते हैं कि बिना तलाक दिए यदि कोई पुरुष किसी और महिला के साथ रहता है, तो वह कानूनी अपराध है। इसके लिए सजा का भी प्रावधान है। ऐसे मामलों में पुरुष को 7 साल तक की सजा हो सकती है। कानूनी तौर पर आप एक ही पत्नी रख सकते हैं। यदि किसी कारणवश आपका तलाक होता है, तब तक आप दूसरा विवाह कर सकते हैं।

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क्या है प्रक्रिया

  • पुरुष या महिला को पहले एफआईआर दर्ज करवानी होती है।
  • महिला हेल्पलाइन नंबर पर भी मदद ले सकती है।
  • एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर से जुड़े ठोस सबूत पेश करने होते हैं।
  • मामले को पहले काउंसलिंग के जरिए सुलझाने की कोशिश की जाती है।
  • बात न बनने पर कोर्ट में केस चलता है।
  • ज्यादातर मामलों में बात चालाक पर खत्म होती है।
  • अधिकतम सात साल की सजा का प्रावधान है।

इस पूरी प्रक्रिया में महिलाओं के लिए थाने-कोर्ट का चक्कर लगाना मुश्किल होता है। आर्थिक परेशानी भी इसका एक कारण है। कई महिलाएं मामले को कोर्ट के बाद ही सुलझा लेती हैं, जिससे भरण-पोषण का खर्च चलता रहे। इन सबमें बच्चे भी परेशान होता है। तलाक की प्रक्रिया के बाद बच्चे की कस्टडी पति-पत्नी में से किसी एक को सौंप दी जाती है।

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