किडनी की बेहतर हेल्थ के लिए कराएं टेस्ट (सौ.सोशल मीडिया) 
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World Kidney Day 2025 : कहीं देर ना हो जाएं ! 30 की उम्र के बाद जरूर कराएं ये 3 टेस्ट, टलेगा किडनी फेल्योर का खतरा

13 मार्च को World Kidney Day मनाया जाता है। किडनी हमारे शरीर का अभिन्न अंग है जो शरीर के सभी अंगों को सुचारू रूप से चलाता है। किडनी में अगर किसी प्रकार की समस्या आ जाए तो नौबत डायलिसिस की आ जाती है।

दीपिका पाल
World Kidney Day 2025: हमारे शरीर के सभी अंगों का स्वस्थ रहना काफी जरूरी होता है इसके लिए ही नियमित हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज करने की सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञ देते है। कई बार हमारी स्वास्थ्य के प्रति अनदेखी कई हेल्थ समस्याओं को जन्म देती है जिसके लिए आपको सतर्क रहने की आवश्यकता है। 13 मार्च को World Kidney Day मनाया जाता है। किडनी हमारे शरीर का अभिन्न अंग है जो शरीर के सभी अंगों को सुचारू रूप से चलाता है। किडनी में अगर किसी प्रकार की समस्या आ जाए तो नौबत डायलिसिस की आ जाती है।
व्यक्ति के शरीर में दो किडनी होती है इसमें से एक काम करना बंद कर दें तो दूसरी किडनी से भी इंसान बचा रह सकता है। किडनी को सेहत को आप अच्छा रखना चाहते हैं तो कुछ खास प्रकार के टेस्ट के बारे में भी जान लेना चाहिए, जो इस प्रकार है...

जानिए कैसे पहचानें किडनी की बीमारी के लक्षण

यहां पर किडनी की बीमारी के खतरे से बचने के लिए आपको कई प्रकार के टेस्ट कर लेना चाहिए। कहते हैं कि, 30 की उम्र के व्यक्ति को हड्डियों के सूजन, एनीमिया या हाई ब्लड प्रेशर की जांच के लिए डॉक्टर की सलाह पर जांच करवाना चाहिए। इससे किडनी सम्बंधित समस्याओं के लक्षण की पहचान करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा आप अगर आप रेगुलर किडनी फंक्शन टेस्ट करते हैं तो, आपको किडनी रोग की समस्या से बचने में काफी मदद मिलती है।इससे किडनी क्रॉनिक कंडीशन पर नजर रखने, दवाओं के जरिए होने वाले किडनी डैमेज समेत सम्पूर्ण स्वास्थ्य का अंदाजा लगाने में मदद मिल सकती है।

किडनी की हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए करें ये जरूरी टेस्ट

यहां पर किडनी की हेल्थ और इसके फंक्शन को दुरूस्त करना चाहते है तो आपको 30 की उम्र के बाद इन टेस्ट को करा लेना चाहिए...
1- सीरम क्रिएटिनीन ब्लड टेस्ट:
यहां पर किडनी रोग का पता लगाने के लिए यह टेस्ट कर सकते है। यहां पर परिणाम के अनुसार,  अगर यह सामान्य मात्रा से ज्यादा होता है, तो उस व्यक्ति को और मेडिकल टेस्ट की जरूरत होगी। क्रिएटिनीन किडनी द्वारा बाहर निकाले जाने वाला एक विषैला उत्पाद है। अगर सीरम क्रिएटिनीन का लेवल ज्यादा हो जाए, तो यह किडनी फंक्शन को प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि यह जितनी ज्यादा मात्रा में होगी किडनी को इसे रक्त से निकालने में उतनी ही कठिनाई हो सकती है। यहां पर इस टेस्ट के परिणाम में टेस्ट के दौरान ये सामान्य से अधिक मात्रा में मिलता है, तो उसे दूसरे मेडिकल असेसमेंट की भी जरूरत होगी, ताकि किडनी रोग के कारण और गंभीरता का पता लगाया जा सके।
2-यूरिन टेस्ट:
किडनी की समस्या से बचने के लिए आप यह टेस्ट करा सकते है। इसमें यूरिन में प्रोटीन या रक्त की उपस्थिति जानने के के लिए यूरिन टेस्ट कराया जाता है। अगर आप यदि यूरिन टेस्ट में प्रोटीन या रक्त पता चलता है, तो उस व्यक्ति में किडनी रोग की संभावना हो सकती है। इसके लिए उसे समय रहते विशेषज्ञ से मिलकर सही उपचार लेने की सलाह दी जाती है।

3- पेट का उल्ट्रासोनोग्राफी:

किडनी की समस्या से बचने के लिए आप यह टेस्ट करा सकते है। पेट का उल्ट्रासोनोग्राफी किडनी के शेप और साइज को देखने के लिए किया जाता है, जिससे किडनी रोग को डायग्नोस किया जा सके। अगर किडनी का आकार और दिखावट सामान्य नहीं होता है, तो इससे पता चलता है कि उस व्यक्ति को किडनी रोग होने की संभावना है।

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