Indian Kitchen Makeover: आज की रसोई सिर्फ खाना बनाने की जगह नहीं रह गई है। यहां दिन की शुरुआत नाश्ता बनाने से होती है और खत्म रात के डिनर पर होती है। जहां बच्चों के टिफिन तैयार होते हैं और कई बार परिवार के साथ बैठकर बातचीत भी होती है। इसलिए किचन को सजाने से ज्यादा जरूरी है कि वह सुविधाजनक, सुरक्षित, हवादार और ऑर्गनाइज्ड हो।
किचन बनवाते समय सबसे पहले यह देखें कि गैस, सिंक, सामान रखने की जगह और फ्रिज एक-दूसरे से बहुत दूर न हों। इनके बीच आने-जाने में ज्यादा मेहनत न लगे तो खाना बनाने का काम आसान हो जाता है।
किचन में खिड़कियां और हवा के आने-जाने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। इससे खाने की गंध और नमी लंबे समय तक रसोई में नहीं रहती। प्राकृतिक रोशनी दिन में किचन को रोशन रखने के साथ बिजली की खपत भी कम करती है।
किचन में अलग-अलग काम के लिए अलग-अलग तरह की लाइटों का इस्तेमाल करना चाहिए। जिस जगह सब्जियां काटी जाती हैं या खाना तैयार होता है, वहां पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए। अलमारी के नीचे लगने वाली रोशनी काम की जगह को साफ दिखाई देने में मदद करती है।
किचन में जगह की कमी अक्सर सामान को गलत तरीके से रखने की वजह बन जाती है और किचन बिखरा हुआ नजर आता है। दराज, बाहर खिंचने वाली अलमारियां, कोने की उपयोगी जगह और मसालों के लिए अलग व्यवस्था किचन को ज्यादा व्यवस्थित बनाती है।
किचन में गर्मी, पानी, तेल और रोजाना सफाई का सामना करना पड़ता है। इसलिए फर्श, अलमारी, रसोई की सतह और दीवार के हिस्से के लिए ऐसे प्रोडक्ट को चुनना चाहिए, जिसे साफ करने में आसानी हो।
आज किचन में सिर्फ गैस और फ्रिज नहीं होते। मिक्सर, ओवन, माइक्रोवेव, प्यूरीफायर समेत कई अन्य उपकरण भी होते हैं, जिनके लिए सॉकेट की जरूरत होती है, ऐसे में यह पहले से तय कर लेना बेहतर होता है। इससे बाद में तोड़फोड़ या अतिरिक्त बदलाव की जरूरत नहीं पड़ती।
हर व्यक्ति की लंबाई और काम करने का तरीका अलग होता है। इसलिए रसोई की सतह, अलमारियों और दराजों की ऊंचाई तय करते समय केवल तय मानकों पर निर्भर रहने के बजाय इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की सुविधा भी देखनी चाहिए। सही ऊंचाई से रोजाना काम करते समय शरीर पर अनावश्यक दबाव कम होता है।
बिजली और पानी की बचत करने वाले उपकरण, टिकाऊ सामग्री और कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था किचन को ज्यादा फंक्शनल बनाती है। जैविक कचरे से खाद बनाकर घर में छोटे पौधे या मसाले उगाने की शुरुआत भी की जा सकती है।
एक अच्छी रसोई का मतलब महंगे सामान या चमकदार सजावट नहीं है। असली फर्क इस बात से पड़ता है कि वहां काम करना कितना आसान है, सामान कितनी आसानी से मिलता है और जगह कितनी आरामदायक है। सही योजना के साथ छोटी सी रसोई भी अधिक यूजफुल और सुंदर बनाई जा सकती है।