JPSC की पूर्व सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य का PA गिरफ्तार सोर्स- AI
झारखंड

JPSC परीक्षा धांधली में CID का बड़ा एक्शन! पूर्व सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य का PA गिरफ्तार

JPSC Exam Scam CID Action: JPSC परीक्षा विवाद में CID ने बड़ा एक्शन लिया है। परीक्षा में धांधली को लेकर चल रही पूछताछ के बाद पूर्व सदस्य के PA को एजेंसी ने हिरासत में ले लिया।

अमन मौर्या

JPSC Student Protest Ranchi: जेपीएससी परीक्षा विवाद के बीच रांची में CID ने बड़ी कार्रवाई की है। सीआईडी ने जेपीएससी की पूर्व सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य के पीए बीएन राम को हिरासत में ले लिया है। जेपीएससी परीक्षा में धांधली की जांच-पड़ताल के बाद जांच एजेंसी ने यह कदम उठाया है।

मामले में एक तरफ जहां जांच एजेंसी लगातार शिकंजा कसते जा रही है। दूसरी तरफ राजधानी में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच झारखंड के सोनम वांगचुक छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की बिगड़ती तबीयत ने प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

CID ने JSSC कार्यालय में मारा छापा

झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी की टीम ने सोमवार को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय में छापेमारी की। टीम आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी वर्ष 2024 में आयोजित सीजीएल परीक्षा के माध्यम से चयनित सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और परीक्षा से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि परीक्षा में किसी स्तर पर अनियमितता हुई थी या नहीं और यदि किसी अभ्यर्थी को अनुचित तरीके से लाभ मिला है तो उसकी पहचान की जा सके। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इस परीक्षा के माध्यम से दो हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।

आरोपी ने एजेंसी में लगाए आरोप

अभय तिवारी के अनुसार, पहले टीडीपीएल को जेएसएससी की परीक्षाओं के संचालन का काम मिलता था। बाद में कंपनी ने कम दर पर परीक्षा संचालन करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसे डी-इंपैनल कर दिया गया।

इसके बाद परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी वेबल नामक एजेंसी को दी गई। तिवारी ने वेबल नामक परीक्षा एजेंसी से जुड़े कुछ लोगों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसके अनुसार, उसे वेबल से जुड़े लोगों के माध्यम से जेएसएससी सीजीएल के प्रश्न और उत्तर परीक्षा से पहले उपलब्ध कराए गए थे।

परीक्षा से पहले प्रश्न-उत्तर रटवाने का आरोप

उसने दावा किया कि बोकारो स्थित एक आवास में करीब 15 अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्न-उत्तर रटवाए गए थे। जांच के दौरान तिवारी ने कथित तौर पर यह भी स्वीकार किया कि उसका, उसके भाई अक्षय तिवारी और उसकी पत्नी सुषमा कुमारी का चयन इसी कथित व्यवस्था के जरिए हुआ। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सीआईडी सभी आरोपों और बयानों का दस्तावेजी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन कर रही है।

पॉपॉ भी दिखाएं अपनी डिग्री... अभिजीत दीपके का हेटर्स पर तीखा हमला, पीएम मोदी की डिग्री पर उठाया बड़ा सवाल

बांकुरा हिंसा पर बवाल! CJP ने बंगाल सरकार को दिया 10 दिनों का अल्टीमेटम, जानें क्या है मामला

JSSC CGL Controversy: बाबूलाल मरांडी ने CID जांच पर उठाए सवाल, बोले- कई अहम पहलू जांच से बाहर

आज की ताजा खबर 17 अगस्त LIVE: आय से अधिक संपत्ति मामले में राहुल की अर्जी पर CBI-ED को SC का नोटिस

CM पद छोड़ेंगे फडणवीस? मोदी कैबिनेट में फेरबदल की अटकलों के बीच PM से की मुलाकात, सियासी हलचल तेज