निशा कुमारी, पिता हांडु भगत सौजन्य-एक्स स्क्रीनग्रैब
झारखंड

साहसी युवती को तोड़ दिया, निशा कुमारी की मौत से झारखंड में आक्रोश, CBI जांच की मांग, हेमंत सरकार बनी तमाशबीन

Nisha Kumari Death: झारखंड की आदिवासी कार्यकर्ता निशा कुमारी की मौत के बाद पिता हांडू भगत ने CBI जांच की मांग की। पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

प्रिया जैस

Highlights:

  • निशा कुमारी की मौत के बाद पिता हांडू भगत ने CBI जांच की मांग की।

  • हेमंत सोरेन सरकार सिर्फ तमाशबीन बनी हुई है।

  • निशा जमीन माफिया, बिचौलियों और भ्रष्ट लोगों के खिलाफ लड़ रही थी।

Jharkhand Tribal Activist Nisha Kumari Death: झारखंड के गुमला में आदिवासी कार्यकर्ता निशा कुमारी के आवास की तस्वीरें, जिन्होंने आत्महत्या कर ली है। उनका शव रांची से यहां लाया गया है। बेटी की मौत पर पिता ने सीबीआई जांच की मांग की है। उनके पिता, हांडू भगत ने कहा, "मैं इस मामले की उच्च-स्तरीय CBI जांच चाहता हूं। सरकार की विफलता के कारण, एक होनहार और बहादुर युवती ने अपनी जान गंवा दी है। इसकी CBI जांच होनी चाहिए।"

आदिवासी कार्यकर्ता और बेटी निशा कुमारी की आत्महत्या पर उनके पिता, हांडू भगत ने राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। पिता ने कहा, "इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। जिन लोगों के नाम सामने आए हैं जिनमें फेसबुक लाइव के दौरान लिए गए नाम भी शामिल हैं। उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। हम CBI जांच की मांग करते हैं।"

तमाशबीन बनी हुई है हेमंत सरकार

हांडू भगत ने प्रशासन से जांच करने और दोषियों को पकड़ने की मांग की। पिता ने कहा, इससे उन अन्य लोगों का हौसला बढ़ेगा जो समाज की बेहतरी के लिए खुलकर काम करना चाहते हैं। झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है, फिर भी यहां आदिवासियों की जमीन और संपत्तियों को तेजी से लूटा जा रहा है, जबकि हेमंत सोरेन सरकार सिर्फ तमाशबीन बनी हुई है। ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

भ्रष्ट लोगों के खिलाफ लड़ रही थी निशा

पिता ने आगे कहा, "निशा जमीन माफिया, बिचौलियों और भ्रष्ट लोगों के खिलाफ लड़ रही थी। वह समाज और राज्य की बेहतरी के लिए एक नई सोच के साथ काम कर रही थी। वह राज्य में एक नई जान फूंकना चाहती थी। अगर प्रशासन ने समय रहते मदद की होती, तो आज हमें यह दिन न देखना पड़ता। उसे बहुत भयानक यातनाएं दी गईं।"

झारखंड में आक्रोश को लेकर उन्होंने कहा, "यातनाएं इतनी भयानक कि उसने इतनी साहसी, तेज-तर्रार और जोशीली युवती का हौसला ही तोड़ दिया। मुख्यमंत्री से क्या ही गुहार लगाई जाए? पूरा राज्य आक्रोश में है। भले ही निशा भगत हमारी बेटी थी, लेकिन राज्य के लोगों ने उसे अपना मान लिया है और वे भी इस संघर्ष में शामिल हो गए हैं।"

फेसबुक लाइव पर आत्महत्या

आदिवासी कार्यकर्ता निशा कुमारी ने आत्महत्या पर रांची के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (SP) गौरव गोस्वामी ने जानकारी दी। एसपी गौरव गोस्वामी ने बताया, दोपहर करीब 12:15 बजे, पिथोरा थाना क्षेत्र से हमें सूचना मिली जिसमें उनके फेसबुक पेज पर किया गया एक फेसबुक लाइव प्रसारण भी शामिल था कि उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया है। पिथोरा पुलिस की टीम उनके घर पहुंची और पुष्टि की कि उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की थी।

पुलिस ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद, हमारी फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने निशा भगत के घर जाकर सभी तकनीकी और अन्य साक्ष्यों को इकट्ठा किया और उनकी वैज्ञानिक जांच की। एक मेडिकल बोर्ड द्वारा उनका पोस्टमार्टम भी कराया गया है। हमने 'अप्राकृतिक मौत' (UD) का मामला दर्ज किया है और घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रहे हैं।

पुलिस जांच जारी

एसपी ने बताया कि फिलहाल सब कुछ जांच के दायरे में है। आपने जो भी बिंदु उठाए हैं, हम उन सभी पर गौर कर रहे हैं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी विशेष विवरण पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। जांच पूरी होने के बाद, सभी निष्कर्ष आपके साथ साझा किए जाएंगे। एक पुलिस अधिकारी विशेष रूप से पिथोरा थाना प्रभारी के खिलाफ उनके आरोपों के संबंध में, जिसमें उन्होंने कहा था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई।

E20 पेट्रोल में 31.2% तक इथेनॉल, कर्नाटक की लैब जांच में बड़ा खुलासा, 5 में से 4 पेट्रोल पंप फेल, घटा माइलेज!

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी हैरी बॉक्सर अमेरिका में गिरफ्तार, अब भारत लाने की तैयारी

आईटीआई प्रिंसिपल के फ्लैट से विजिलेंस को मिले और 5.16 लाख रुपये, 30 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए थे

ठाणे से झारखंड का 10 लाख का इनामी नक्सली गिरफ्तार, 10 दिनों से ठाकुरली में छिपा बैठा था आरोपी

अभिषेक को मारने के लिए किसके पास समय है, हमले के आरोपों पर दिलीप घोष का तंज, बोले- उनके साथ बहस कौन करेगा