Jharkhand Students Protest: झारखंड की राजधानी रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर पिछले 13 दिनों से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। हेमंत सोरेन सरकार अब इन प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत करने के लिए तैयार हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनसे बातचीत करने के लिए मंत्रियों की चार सदस्यीय समिति बनाई है।
इस समिति में हेमंत कैबिनेट के चार मंत्री शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक, समिति में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, समाज कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव के शामिल होने की संभावना है। इससे पहले, सरकार ने छात्रों से बातचीत करने के लिए SDO और ADM (कानून-व्यवस्था) को भेजा था।
इससे पहले सरकार की ओर से रांची के एसडीओ कुमार रजत बुधवार को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने छात्रों से कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है। पांच या सात छात्रों का प्रतिनिधिमंडल भेजिए। सरकार हर मुद्दे पर बातचीत से हल निकालने को तत्पर है, लेकिन छात्रों ने भी साफ जवाब दे दिया।
छात्रों ने कहा कि बातचीत होगी, लेकिन बंद कमरे में नहीं। कैमरे के सामने होगी। मीडिया की मौजूदगी में होगी। जो बात होगी, सबके सामने होगी। छात्रों का कहना है कि यह सिर्फ कुछ लोगों का मुद्दा नहीं है। पूरे झारखंड के युवाओं का सवाल है, इसलिए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
रांची में 13वें दिन भी JPSC, JSSC CGL और कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। बिरसा फिजिकल एकेडमी के तहत झारखंड पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं का एक समूह प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में आया है।
बुधवार दोपहर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की और उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मामले पर नजर रख रही है। छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जो शिकायतें हैं, उनकी जांच चल रही है। एजेंसी तत्परता के साथ काम कर रही है। हर समस्या का हल संवाद से निकालने की कोशिश होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के दरवाजे सबके लिए खुले हैं। जिसकी भी कोई बात है, वह सरकार तक पहुंचा सकता है। जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद जो सच होगा, वही सामने आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का मामला सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं है। दूसरे राज्यों में भी ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। अब यह राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री से भी बातचीत की जाएगी।