अभय तिवारी की पत्नी गिरफ्तार सोर्स-सोशल मीडिया
झारखंड

JPSC Exam Scam: झारखंड परीक्षा फर्जीवाड़े में बड़ा एक्शन, TDPL मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और भाई गिरफ्तार

Jharkhand JSSC CGL Scam: झारखंड परीक्षा फर्जीवाड़े में CID ने TDPL मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और भाई को गिरफ्तार किया। दोनों पर परीक्षा में अनुचित लाभ लेने का आरोप है।

करुणा नंद शाहवाल

CID Abhay Tiwar Wife And Brother Arrested: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित फर्जीवाड़े की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने परीक्षा एजेंसी TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और सगे भाई को गिरफ्तार किया है। अभय तिवारी को CID इस मामले में पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह फिलहाल जेल में है।

जांच एजेंसी के मुताबिक, दोनों पर झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा में कथित तौर पर अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर सफलता हासिल करने का आरोप है। CID का कहना है कि अभय तिवारी से पूछताछ और उसके पास से जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के डेटा के विश्लेषण के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं।

TDPL मैनेजर की पत्नी और भाई गिरफ्तार

आरोप है कि अभय तिवारी ने TDPL से जुड़े अपने प्रभाव और नेटवर्क का इस्तेमाल पत्नी और भाई को परीक्षा में कथित लाभ पहुंचाने के लिए किया। अब CID इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और अभ्यर्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी डिजिटल साक्ष्यों, दस्तावेजों और अन्य सबूतों का विश्लेषण कर रही है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

डिजिटल सबूतों के आधार पर दोनों गिरफ्तार

जांच एजेंसी के अनुसार, उसकी पत्नी और भाई पर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित तौर पर अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर सफलता हासिल करने का आरोप है।

सीआईडी के अनुसार, जांच के दौरान सामने आए डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों से अभय तिवारी की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली। सीआईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित परीक्षा फर्जीवाड़े के इस नेटवर्क से और कितने अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ मिला। जांच एजेंसी डिजिटल उपकरणों से मिले डेटा, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है।

प्रश्न-उत्तर लीक के दावे की भी जांच

बता दें कि अभय तिवारी ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए जाने का दावा किया था। सीआईडी इस दावे से जुड़े तथ्यों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसी आवश्यकता के अनुसार उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ भी कर सकती है।

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