एसीबी ने झारखंड के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को किया गिरफ्तार 
झारखंड

आबकारी घोटाले में झारखंड का सीनियर IAS अफसर गिरफ्तार, ACB ने 5 घंटे की पूछताछ

झारखंड के सीनियर आईएएस अफसर विनय चौबे को एसीबी ने आबकारी घोटाले के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। टीम ने 5 घंटे पूछताछ के बाद आईएएस अधिकारी को गिरफ्तार किया है।

यतीश श्रीवास्तव

रांची: झारखंड में भ्रष्टाचार के एक मामले में एक आइएएस अधिकारी को ही एसीबी (ACB) ने गिरफ्तार कर लिया है। आज भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी विनय कुमार चौबे से 5 घंटे की पूछताछ के बाद एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया है। विनय चौबे 1999 बैच के आईएएस अफसर हैं। गिरफ्तारी के बाद चौबे को एसीबी मामलों के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार के समक्ष पेश किया गया।

विनय चौबे ने मुख्यमंत्री के सचिव सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वह वर्तमान में पंचायती राज विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात थे। एसीबी ने आबकारी विभाग के सचिव के रूप में चौबे के कार्यकाल के दौरान आबकारी नीति में अनियमितताओं के आरोपों की जांच शुरू की थी। राज्य सरकार ने इससे पहले चौबे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की अनुमति दी थी।

IAS अफसर से ब्यूरो मुख्यालय में की थी पूछताछ

एसीबी अधिकारी के मुताबिक जांच टीम सुबह चौबे के आवास पर पहुंची और उन्हें पूछताछ के लिए ब्यूरो मुख्यालय ले गई। आबकारी विभाग के संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह से भी एसीबी ने पूछताछ की। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित आबकारी घोटाले की जांच के तहत पिछले साल अक्टूबर में चौबे और सिंह से जुड़े परिसरों पर छापे मारे थे। ईडी ने इसके बाद राज्य सरकार के कई अधिकारियों, शराब कारोबारियों और अन्य के परिसरों पर भी छापे मारे थे।

रांची के साथ रायपुर में भी की थी छापेमारी

संघीय जांच एजेंसी के झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आपराधिक मामला दर्ज किए जाने के बाद रांची और पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 15 परिसरों पर तलाशी ली गई और कई सबूत जुटाए गए। चौबे से अभी और कई मामले में पूछताछ की जाएगी।

रायपुर में दर्ज एफआईआर का लिया संज्ञान

ईडी ने सात सितंबर, 2024 को छत्तीसगढ़ पुलिस की एसीबी टीम की ओर से रायपुर में दर्ज की गई एफआईआर का संज्ञान लिया था। इसमें चौबे, छत्तीसगढ़ से सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, रायपुर के महापौर ऐजाज ढेबर के बड़े भाई अनवर ढेबर, भारतीय दूरसंचार सेवा के अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और कई अन्य लोगों को नामजद किया गया था।

अंगूर खट्टे हैं तो बेल काटने लगे, दिल्ली प्रोटेस्ट पर पहली बार बोले PM मोदी; राहुल गांधी को बताया फेल प्रोडक्ट

दिल्ली नगर निगम में क्यों भिड़े AAP-कांग्रेस पार्षद? विकास फंड से शुरू हुआ विवाद, हाथापाई तक पहुंची बात- VIDEO

नेहा बोरा ने CJP से किया किनारा, हाई कोर्ट में कहा- तिरंगा फहराने के लिए अनुमति जरूरी नहीं; कब आएगा फैसला?

सोनम का झलका दर्द, सरकार पर लगाया वादा खिलाफी का गंभीर आरोप; कहा चीन लद्दाख को नहीं मानता भारत का हिस्सा

रेहान वाड्रा की 74 तस्वीरें प्रदर्शनी से क्यों हटाई गईं? बीकानेर हाउस ने बताई वजह