श्रीनगर एयरपोर्ट, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
जम्मू कश्मीर

श्रीनगर एयरपोर्ट पर दो अमेरिकी नागरिक हिरासत में, बैग से मिला सैटेलाइट फोन; हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

US Citizens Detained: श्रीनगर एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान अमेरिका के दो नागरिकों को प्रतिबंधित सैटेलाइट फोन के साथ हिरासत में लिया गया है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही है।

अमन उपाध्याय

Srinagar Airport US Citizens Detained: जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा जांच के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां दो अमेरिकी नागरिकों को उनके सामान में एक प्रतिबंधित सैटेलाइट फोन मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद इन दोनों व्यक्तियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है। कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह के संचार उपकरण का मिलना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा अलर्ट है।

रूटीन चेकिंग में पकड़ा गया डिवाइस

यह घटना 19 अप्रैल 2026 की है जब श्रीनगर एयरपोर्ट पर यात्रियों की नियमित सुरक्षा जांच चल रही थी। स्कैनिंग के दौरान सुरक्षाकर्मियों को एक बैग में संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण दिखाई दिया। जब बैग की तलाशी ली गई तो उसमें से 'गार्मिन' (Garmin) कंपनी का एक सैटेलाइट फोन बरामद हुआ। बता दें कि गार्मिन एक विश्व प्रसिद्ध कंपनी है जो जीपीएस और सैटेलाइट डिवाइस बनाती है लेकिन भारत के कई क्षेत्रों में बिना अनुमति इनका उपयोग वर्जित है।

मोंटाना के जेफरी स्कॉट से पूछताछ जारी

हिरासत में लिए गए नागरिकों में से एक की पहचान जेफरी स्कॉट के रूप में हुई है जो अमेरिका के मोंटाना राज्य का रहने वाला है। सुरक्षा अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये दोनों अमेरिकी नागरिक किस उद्देश्य से कश्मीर आए थे और वे प्रतिबंधित सैटेलाइट फोन अपने साथ क्यों ले जा रहे थे। हालांकि कई बार विदेशी पर्यटक अनजाने में ऐसे उपकरण साथ ले आते हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस उनके दावों की पुष्टि कर रही है।

भारत में सैटेलाइट फोन को लेकर क्या है नियम?

भारत सरकार और दूरसंचार विभाग (DoT) के नियमों के मुताबिक, विदेशी नागरिकों के लिए थुराया या इरिडियम जैसे सैटेलाइट फोन भारत में लाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। यदि कोई व्यक्ति इन्हें अपने साथ लाता है तो उसके पास DoT का अनिवार्य लाइसेंस होना चाहिए। लाइसेंस न होने की स्थिति में न केवल फोन जब्त कर लिया जाता है बल्कि व्यक्ति को 24 से 72 घंटे तक डिटेंशन में भी रखा जा सकता है।

भारी जुर्माना और जेल का भी है प्रावधान

दूरसंचार अधिनियम 2023 के तहत, बिना अनुमति के सैटेलाइट फोन या सैटेलाइट जीपीएस डिवाइस रखना दंडनीय अपराध है। नियमों का उल्लंघन करने पर 50,000 रुपये से लेकर 2 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही, भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम और भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम की धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की जेल की सजा का भी प्रावधान है।

सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नजर

श्रीनगर एयरपोर्ट पर हुई इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं। यह पहली बार नहीं है जब किसी विदेशी पर्यटक को इस तरह के उपकरणों के साथ पकड़ा गया है, लेकिन कश्मीर की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए हर मामले की बारीकी से जांच की जाती है। फिलहाल, जेफरी स्कॉट और उनके साथी से पूछताछ जारी है और यह स्पष्ट होने के बाद ही उन्हें आगे जाने की अनुमति दी जाएगी कि उनके पास यह उपकरण किसी गलत इरादे से तो नहीं था।

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