Kishtwar Cloudburst Latest Update: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चिशोती गांव में बादल फटने की घटना से भारी तबाही हुई है। इस गांव में हुए नुकसान का अनुमान तस्वीरों और वीडियो देखकर लगाया जा सकता है। हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। कई की हालत नाजुक होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
किश्तवाड़ में बाढ़ की चपेट में आए एक व्यक्ति ने बताया कि अचानक जोरदार बम धमाके जैसी आवाज़ सुनाई दी, और लोग डर के मारे चिल्लाने लगे, "भागो! भागो!" जब मैं खुद भागी, तो मलबे में फंस गई और उसके ऊपर एक बिजली का खंभा गिर गया। इसके बाद उसने अपनी बेटी को पुकारा, जिसने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
एक अन्य पीड़ित ने बताया कि वह बादल फटने के समय चिशोती में मौजूद था। अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज़ सुनाई दी। बादल फटने के बाद हम वहां से बाहर निकलने लगे, लेकिन दो मिनट में ही चार फ़ुट ऊंचा मलबा आ गया। हम कुछ लोगों को बचा पाए, लेकिन कुछ लोग मलबे में फंस गए। कुल 11 लोग वहां थे। हम सुरक्षित हैं, लेकिन मेरी पत्नी और बेटी मलबे में फंस गई थीं। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है।
किश्तवाड़ जिले के चिशोती गांव में बादल फटने की घटना के बाद अधिकारियों ने बताया कि अब तक 45 लोगों की जान चली गई है। जिनमें से 21 की पहचान हो चुकी है। बाकी मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पहचान के लिए अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों के साथ व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पीड़ितों की तस्वीरें साझा कीं। बचाव कार्य में अब तक 160 से अधिक लोग सुरक्षित निकाले जा चुके हैं, जिनमें से 38 की हालत गंभीर बताई जा रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है, क्योंकि कुछ लोग अभी भी फंसे हो सकते हैं।
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किश्तवाड़ जिले के चिशोती गांव में अचानक बादल फटने से बाढ़ आ गई, जिसमें कई लोग बह गए। भूस्खलन और मलबे के साथ आई इस बाढ़ ने घरों, दुकानों और वाहनों को तबाह कर दिया, जिससे कई लोग घायल हुए और कई लापता हो गए।