Amarnath Yatra 2026 Traffic Advisory: श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुचारू ढंग से संचालित करने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अहम ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। बारामूला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यात्रा अवधि के दौरान गुलमर्ग और श्रीनगर के बीच पर्यटक वाहनों की आवाजाही शाम 5 बजे के बाद पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। यह प्रतिबंध दोनों दिशाओं में लागू होगा, यानी शाम 5 बजे के बाद न तो गुलमर्ग से श्रीनगर और न ही श्रीनगर से गुलमर्ग की ओर पर्यटक वाहन जा सकेंगे।
प्रशासन ने पर्यटकों, होटल संचालकों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और निर्धारित समय सीमा का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम अमरनाथ यात्रा के काफिलों की निर्बाध आवाजाही, ट्रैफिक प्रबंधन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार, शाम 5 बजे के बाद किसी भी पर्यटक वाहन को गुलमर्ग से श्रीनगर की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। इसी तरह शाम 5 बजे के बाद श्रीनगर से गुलमर्ग की ओर भी किसी पर्यटक वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी। ये पाबंदियां यात्रा की पूरी अवधि के दौरान लागू रहेंगी। सभी पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और तय समय के भीतर ही अपनी आने-जाने की यात्रा पूरी करें।
प्रशासन ने आने वाले पर्यटक वाहन से अनुरोध है कि वे रास्ते में तैनात पुलिस और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के निर्देशों का सख्ती से पालन करें। ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने और यात्रा के काफिलों की बिना रुकावट आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित लोगों का सहयोग जरूरी है।
बारामूला पुलिस ने कहा कि ये उपाय पूरी तरह से लोगों की सुरक्षा, ट्रैफिक नियमन और श्री अमरनाथ जी यात्रा-2026 के सुचारू संचालन के हित में किए गए हैं। इन जरूरी पाबंदियों के कारण होने वाली किसी भी असुविधा के लिए खेद है और सड़क का इस्तेमाल करने वाले सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के व्यापक हित में सहयोग की अपेक्षा की जाती है।
पर्यटकों, होटल मालिकों, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों और आम जनता से अनुरोध है कि वे तय ट्रैफिक नियमों का पालन करके और उसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाकर पूरा सहयोग दें। बारामूला पुलिस सभी आने वाले लोगों के लिए सुरक्षित और बिना परेशानी वाला अनुभव सुनिश्चित करने और साथ ही श्री अमरनाथ जी यात्रा-2026 का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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दूसरी ओर, अमरनाथ यात्रा को लेकर पाकिस्तान के नकारात्मक नजरिए पर महामंडलेश्वर महंत रामेश्वर दास ने कहा कि भारत संतों की भूमि है। हम सब चाहे भारत में रहते हों या पाकिस्तान में मूल रूप से सनातनी और हिंदू ही हैं। बाद में कुछ लोग मुसलमान बन गए। सनातन धर्म को न आपने बनाया है, न मैंने। यह बहुत पुराना है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मान लो आप अपने असली पिता को छोड़कर पड़ोस वाले किसी आदमी को पापा या डैडी कहने लगें, तो इसमें आपके असली पिता की क्या गलती है।
इसी तरह, मूल रूप से हम सबका डीएनए एक ही है (एक ही सनातन परंपरा से आते हैं)। लोग जिसे चाहें उसे अपना मान लें, लेकिन मूल सच्चाई तो वही है। अमरनाथ यात्रा, बाबा अमरनाथ की यात्रा है। इसमें किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
इसी बीच, जम्मू-कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने अमरनाथ यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया, जबकि धार्मिक नेताओं ने सालाना तीर्थयात्रा के लिए किए गए इंतजामों के बारे में बताया।