नई दिल्ली: ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त (Yogeshwar Dutt) ने बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ धरना देने वाले छह पहलवानों को एशियन गेम्स (Asian Games) के ट्रायल में दी गई छूट पर सवाल खड़ा किया। जिसके बाद विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) भड़क गई। उन्होंने योगेश्वर दत्त को भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का ‘पिछलग्गू' करार दिया।
विनेश फोगट ने ट्वीट करते हुए यह कहा, "योगेश्वर दत्त का वीडियो सुना तो उनकी वह घटिया हंसी दिमाग में अटक गई। वह महिला पहलवानों के लिए बनी दोनों कमेटियों का हिस्सा थे।" उन्होंने यह आरोप लगाया, "जब कमेटी के सामने महिला पहलवान अपनी आपबीती बता रही थीं तो वह बहुत घटिया तरह से हंसने लगते थे। जब दो महिला पहलवान पानी पीने के लिए बाहर आईं तो बाहर आकर उनको कहने लगे कि बृजभूषण का कुछ नहीं होगा, जाकर अपनी प्रैक्टिस करो। एक दूसरी महिला पहलवान को बड़े भद्दे तरीके से बोला कि ये सब तो चलता रहता है इसको इतना बड़ा मुद्दा मत बनाओ।"
पहलवान विनेश ने आगे कहा, "उन्होंने कहा था कि कुछ चाहिए हो तो मुझे बताओ। कमेटी की बैठक के बाद योगेश्वर ने महिला पहलवानों के नाम बृजभूषण और मीडिया को लीक कर दिये। उन्होंने कई महिला पहलवानों के घर फोन करके ये भी कहा कि अपनी लड़की को समझा लो। वह पहले ही सरेआम महिला पहलवानों के खिलाफ बयान दे रहे थे, उसके बावजूद उन्हें दोनों कमेटियों में रखा गया।"
https://twitter.com/Phogat_Vinesh/status/1672151024746864640
विनेश ने कहा, "वह पहलवानों और कोचों को महिला पहलवानों के आंदोलन में शामिल होने से लगातार रोकते रहे। सारा कुश्ती जगत समझ गया था कि योगेश्वर बृजभूषण की थाली का झूठा खा रहे हैं। समाज में कोई भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाता है तो योगेश्वर जरूर उल्टियां करते हैं। समाज से गद्दारी के कारण ही दो बार चुनाव में औंधे मुंह गिरे हो तुम और मैं चैलेंज करती हूं कि कभी जिंदगी में चुनाव नहीं जीतोगे, क्योंकि समाज जहरीले नाग से हमेशा सावधान रहता है और उसके कभी पैर नहीं लगने देता।"
विनेश ने कहा, "कुश्ती जगत को आपका बृजभूषण के तलवे चाटना हमेशा याद रहेगा। महिला पहलवानों को तोड़ने में इतना ज़ोर मत लगाओ, बहुत पक्के इरादे हैं इनके। ध्यान रखना कहीं ज्यादा जोर लगवाने से कमर न टूट जाए। रीढ़ तो पहले ही बृजभूषण के पैरों में रख चुके हो। तुम बहुत संवेदनहीन इंसान हो। ज़ालिम के हक़ में खड़े हो उसकी चापलूसी कर रहे हो। जब तक कुश्ती में योगेश्वर जैसे जयचंद रहेंगे, यकीनन जालिमों के हौंसले बुलंद रहेंगे।"
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) तदर्थ समिति ने 16 जून को विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया, उनकी पत्नी संगीता फोगाट, साक्षी मलिक, उनके पति सत्यव्रत कादियान और जितेंद्र किन्हा को सूचित किया था कि उन्हें भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए अपनी-अपनी श्रेणियों में ट्रायल के विजेताओं का मुकाबला करना होगा। समिति ने छह पहलवानों से यह भी वादा किया कि उनके अनुरोध के अनुसार उनका एक-मुकाबले वाला ट्रायल अगस्त में आयोजित किया जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी के नेता योगेश्वर ने कहा कि भूपेंदर सिंह बाजवा की अध्यक्षता वाली समिति ने ऐसा कदम उठाकर देश के जूनियर पहलवानों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने ट्विटर पर जारी वीडियो में कहा, ‘‘मुझे समझ नहीं आ रहा है कि ट्रायल के बारे में निर्णय लेने में तदर्थ पैनल ने किन मानदंडों का पालन किया है। वह भी सभी छह पहलवानों के लिए।''