बड़ी आबादी का शहर सोर्स- IANS
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World Habitat Day: आदर्श शहर के क्या होने चाहिए लक्षण? संयुक्त राष्ट्र की लोगों को सलाह, 40 साल हुए पूरे

World Habitat Day Special: दुनियाभर के लोग आज विश्व आवास दिवस मना रहा है। इसके 40 साल पूरे होने पर लोग अपनी राय और विचार व्यक्त कर रहे हैं। यूएन की एजेंसी ने भी एक आदर्श शहर को लेकर कई बातें कही है।

नितिन कुमार राय

World Habitat Day: हर साल अक्टूबर के पहले सोमवार को विश्व आवास दिवस मनाया जाता है। इस बार यह दिन और भी खास है, क्योंकि विश्व आवास दिवस के 40 साल पूरे हो रहे हैं। पहली बार यह दिवस 1986 में मनाया गया था, तब से यह दिन आवास से जुड़ी चुनौतियों और शहरी जीवन को बेहतर बनाने के लिए वैश्विक मंच के तौर पर जाना जाता है। इस साल इसकी 40वीं सालगिरह का मुख्य कार्यक्रम मस्कट, ओमान में आयोजित किया जाएगा।

UN ने की आदर्श शहर की वकालत

संयुक्त राष्ट्र की कई एजेंसियों और नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर समावेशी और टिकाऊ शहरों की जरूरत पर जोर दिया। संयुक्त राष्ट्र ईएससीएपी ने एक पोस्ट में सवाल उठाया कि मजबूत और लचीले शहर असल में दिखते कैसे हैं? सिर्फ थ्योरी में नहीं, बल्कि असल जिंदगी में।

ईएससीएपी ने इसके लिए 6 मुख्य बिंदु बताए हैं, जो एक आदर्श शहर की पहचान हो सकते हैं।

  1. जरूरी चीजें घर के पास हों। रोजमर्रा की जरूरतें जैसे काम, दुकानें, स्कूल और पार्क, सब पैदल या साइकिल की दूरी पर होने चाहिए। इससे लोगों का समय बचेगा और ट्रैफिक व प्रदूषण भी कम होगा। ईएससीएपी स्थानीय सरकारों को ऐसे कॉम्पैक्ट इलाके बनाने में मदद कर रहा है, जहां लोगों के लिए सुविधाएं पास हों।

  2. दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु है प्रकृति को शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा बनाना। पार्क, बगीचे और पेड़ सिर्फ सुंदरता के लिए नहीं हैं, बल्कि ये शहर को भीषण गर्मी और भारी बारिश जैसी आपदाओं से बचाते हैं। ईएससीएपी शहर की प्लानिंग में प्रकृति-आधारित समाधानों को शामिल करने का समर्थन करता है।

  3. तीसरा बिंदु घरों को लेकर है। ईएससीएपी का कहना है कि घर सुरक्षित और किफायती होने चाहिए। किफायती घर और बेहतर इलाके यह सुनिश्चित करते हैं कि सभी को पानी, बिजली और रहने की जगह मिले। संगठन कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए किफायती घरों की वकालत करता है।

  4. चौथे बिंदु में टेक्नोलॉजी की भूमिका बताई गई है। ईएससीएपी के मुताबिक, टेक्नोलॉजी से लोगों को सीधा फायदा होना चाहिए। स्मार्ट टेक्नोलॉजी बाढ़ की पहले से चेतावनी, डिजिटल पब्लिक सर्विस और संसाधनों के सही मैनेजमेंट में मदद कर सकती है। ईएससीएपी शहरी सिस्टम और सर्विस डिलीवरी को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल टूल्स को बढ़ावा दे रहा है।

  5. पांचवां बिंदु घूमने-फिरने की सुगमता से जुड़ा है। एक अच्छे शहर में सभी के लिए घूमना-फिरना आसान होता है। फुटपाथ और पब्लिक ट्रांसपोर्ट बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगों के लिए पूरी तरह सुलभ होने चाहिए। ईएससीएपी शहरी ट्रांसपोर्ट तक पहुंच बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे सेवाएं ज्यादा भरोसेमंद और सुरक्षित बनती हैं।

  6. छठा और आखिरी बिंदु समुदायों की भागीदारी का है। ईएससीएपी का मानना है कि समुदायों की बात सुनी जानी चाहिए। स्थानीय लोग शहर की प्लानिंग और फैसले लेने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से हिस्सा लें, तभी शहर सभी के लिए बेहतर बन सकता है।

सभी के लिए काम हो

ईएससीएपी ने सवाल उठाया कि क्या चीज किसी शहर को रहने के लिए अच्छी जगह बनाती है? और जवाब दिया कि शहर तब बेहतर काम करते हैं, जब वे सभी के लिए काम करते हैं।

वहीं संयुक्त राष्ट्र पर्यावास ने भी विश्व आवास दिवस के 40 साल पूरे होने पर पोस्ट किया और कहा कि यह दिन घरों से जुड़ी चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने का ग्लोबल मंच रहा है।

लोगों को मिले आदर्श शहर

भारत में भी इस दिन को लेकर प्रतिक्रियाएं आई हैं। मणिपुर सरकार ने एक्स पर पोस्ट कर विश्व आवास दिवस पर प्रदेश के लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें सुरक्षित, समावेशी, मजबूत और टिकाऊ समुदाय बनाने की हमारी साझा जिम्मेदारी की याद दिलाता है। आइए हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करें कि हर नागरिक को रहने के लिए उचित जगह और स्वस्थ वातावरण मिले।

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