US Leaders Praising India and PM Modi: पिछले कुछ दिनों में अमेरिका के बड़े नेताओं के बयानों ने एक बार फिर भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और विदेश मंत्री मार्को रुबियो तीनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की खुलकर तारीफ की है।
दिलचस्प बात ये है कि इन नेताओं के अलावा कुछ नेता ऐसे भी हैं, जो कुछ समय पहले तक पीएम मोदी और भारत के खिलाफ जहर उगल रहे थे, लेकिन अब वही भारत की तारीफ करते नहींं थक रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर अमेरिका का रुख भारत को लेकर अचानक इतना कैसे बदल गया? जो ट्रंप कल तक भारत और पीएम मोदी को यूक्रेन युद्ध में लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे थे, वही आज उन्हें फरिश्ता बता रहे हैं। क्या सच में अमेरिका का नजरिया बदल गया है या फिर बदलती वैश्विक परिस्थितियों ने उसे भारत की अहमियत फिर से याद दिला दी है?
सबसे पहले बात करते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की। ट्रंप और पीएम मोदी की मुलाकात 17 जून 2026 को G7 शिखर सम्मेलन में हुई। इस दैरान ट्रंप ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं और उन्हें किसी फरिश्ते की तरह बताया।
ट्रंप ने आगे कहा कि कि उनकी सादगी को कमजोरी नहीं समझना चाहिए, क्योंकि बातचीत और व्यापार के मामलों में वह बेहद सख्त और कुशल नेता हैं। ट्रंप ने यहां तक कहा कि जब तक नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं, अगर कोई भारत पर हमला करता है तो अमेरिका भारत के साथ खड़ा रहेगा।
इसके बाद 30 जून 2026 को अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने ट्रंप और मोदी की दोस्ती से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि एक बार ट्रंप ने उनसे सुबह छह बजे ही प्रधानमंत्री मोदी को फोन लगाने के लिए कहा। जब गोर ने कहा कि शायद मोदी उस समय सो रहे होंगे, तो ट्रंप ने जवाब दिया कि नहीं, वह जाग रहे होंगे, क्योंकि वह मेरी तरह हैं। इस घटना को गोर ने दोनों नेताओं के मजबूत रिश्ते की मिसाल बताया।
इसी कड़ी में आज (1 जुलाई 2026) अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वह मोदी और उनके काम के बड़े प्रशंसक हैं। रुबियो के मुताबिक भारत तेजी से आर्थिक विकास कर रहा है और दुनिया की बड़ी ताकत बनता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक फैसलों में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
तीनों बयानों को गौर से देखें तो इसमें भारत और प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की गई है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है। क्योंकि कुछ समय पहले तक ट्रंप पाकिस्तानी नेताओं और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तारीफ में बयान देते नजर आ रहे थे। यहां तक कि कई बार उन्होंने भारत को लेकर सख्त रुख भी अपनाया था। लेकिन वही अब पीएम मोदी की तारीफ कर रहे हैं। इसी तरह मार्को रुबियो भी कुछ मुद्दों पर भारत की आलोचना करते हुए दिखाई दिए थे। लेकिन अब वही नेता भारत और प्रधानमंत्री मोदी की खुलकर सराहना कर रहे हैं।
अमेरिका इस कई मुसीबत में फंसा है-
यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम के वरिष्ठ सलाहकार अल मेसन का कहना है कि इसमें अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की बड़ी भूमिका रही है। उनके मुताबिक गोर ने ट्रंप और मोदी के बीच टैरिफ और रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते जन्मी कड़वाहट को कम करने और दोनों के बीच फिर से विश्वास कयाम करने का काम किया।
विदेश नीति विशेषज्ञ प्रोफेसर हर्ष वी. पंत का कहना है कि भारत अब केवल दक्षिण एशिया का देश नहीं रह गया है। आज वह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की राजनीति का प्रमुख केंद्र बन चुका है। रक्षा, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नई तकनीक, ऊर्जा और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमेरिका इन क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है।
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वहीं, दक्षिण एशिया मामलों के विशेषज्ञ वायल अव्वाद का भी मानना है कि अमेरिका भारत को कभी नजरअंदाज नहीं कर सकता। उनके मुताबिक अमेरिका में रहने वाला बड़ा भारतीय समुदाय भी दोनों देशों को करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।