Vinesh Chandel (Source- Social Media) 
देश

कोर्ट ने ED को जारी किया नोटिस, I-PAC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आया नया मोड़; 23 अप्रैल को होगी अलगी सुनवाई

I-PAC Money Laundering Case: कोयला चोरी मामले में फंसे I-PAC के सह-संस्थापक विनेश चंदेल की जमानत याचिका पर ED को नोटिस। 29 अप्रैल को होगी सुनवाई। आईपैक पर लगे यह गंभीर आरोप।

सजल रघुवंशी

Court Issue Notice To ED On IPAC Case: दिल्ली की अदालत ने कथित कोयला चोरी मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पीएसी) के सह-संस्थापक विनेश कुमार चंदेल द्वारा दायर जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी किया है। पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र राणा ने चंदेल की याचिका पर ईडी से जवाब मांगा और मामले की सुनवाई 29 अप्रैल को तय की है।

इस महीने की शुरुआत में पारित एक आदेश के तहत विनेश चंदेल को 23 अप्रैल तक 10 दिनों की हिरासत में पूछताछ के लिए भेजा गया था। बता दें कि आईपैक पर गई गंभीर आरोप लगे हैं।

28 मार्च को किया था चंदेल को गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 28 मार्च को दर्ज की गई एक ईसीआईआर के संबंध में चंदेल को गिरफ्तार किया था, जो आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर पर आधारित थी, जिसमें मेसर्स इंडियन पीएसी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों द्वारा आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, खातों में हेराफेरी और बेहिसाब धन के प्रबंधन का आरोप लगाया गया था।

ईडी ने किया था बड़ा दावा

ईडी ने अपने रिमांड आवेदन में दावा किया था कि आई-पैक कंपनी  के संस्थापक निदेशक चंदेल अपराध की आय से जुड़ी प्रक्रिया और गतिविधि में सक्रिय रूप से शामिल थे और अवैध धन के उत्पादन, छिपाने और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए एक तंत्र तैयार करने में केंद्रीय भूमिका निभाई थी।

आई-पैक पर लगाए यह आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, कंपनी ने कथित तौर पर बैंकिंग चैनलों और नकद घटकों के बीच प्राप्तियों को विभाजित करने की कार्यप्रणाली अपनाई, जिसमें राजनीतिक दलों से कथित रूप से प्राप्त धन भी शामिल था, जिसमें 50 प्रतिशत चेक जैसे संदर्भ विभाजित भुगतानों को इंगित करते थे। इसमें आगे दावा किया गया कि आय से अधिक धनराशि का इस्तेमाल चुनाव संबंधी खर्च और अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया, जिसमें जनमत को प्रभावित करना भी शामिल है।

कंपनी पर फर्जी बिल बनाने के आरोप

इसमें यह भी दावा किया गया कि मेसर्स रामसेथु इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड से बिना किसी औपचारिक समझौते या व्यावसायिक औचित्य के असुरक्षित, ब्याज मुक्त ऋण के रूप में कंपनी के बही-खातों में 13.50 करोड़ रुपये दर्ज किए गए थे। ईडी ने कंपनी पर वास्तविक परामर्श सेवाएं प्रदान किए बिना धनराशि के प्रवाह को उचित ठहराने के लिए फर्जी बिल बनाने और बेहिसाब धन को इधर-उधर करने के लिए हवाला चैनलों का उपयोग करने का आरोप लगाया है।

चंदेल पर सबूतों को नष्ट करने के आरोप

इसमें आगे आरोप लगाया गया कि चंदेल ने जांच के दौरान झूठे बयान दिए और अन्य निदेशकों के साथ मिलकर सबूतों को नष्ट करने के प्रयास में तलाशी की कार्यवाही के बाद ईमेल और वित्तीय डेटा को हटाने का निर्देश दिया। ईडी की पहले की रिमांड याचिका का विरोध करते हुए, चंदेल के वकील ने तर्क दिया था कि गिरफ्तारी राजनीतिक रूप से प्रेरित थी और विधानसभा चुनावों से ठीक पहले की गई थी और यह दावा किया था कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कोई अनुसूचित अपराध नहीं बनता है।

हालांकि, अदालत ने इससे पहले ईडी की हिरासत देते समय यह टिप्पणी की थी कि यह मानने के कारण हैं कि चंदेल कथित तौर पर अपराध की आय को लॉन्ड्रिंग करने में शामिल था और उसने जांच के दौरान झूठे और गुमराह करने वाले बयान दिए थे।

एजेंसी इनपुट के साथ...

सपा नेता सिनोद शाक्य को BJP ने बनाया प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही लिस्ट

Hotel Room Safety: होटल में चेक-इन करते ही करें ये 10 जरूरी काम, सुरक्षा में न करें लापरवाही

गुवाहाटी के होटल में अंधाधुंध फायरिंग, गोलीबारी में 6 लोगों की मौत; सामने आया खौफनाक VIDEO

SIR पर विपक्ष के प्रदर्शन के जवाब में सड़क पर उतरेंगे केंद्रीय मंत्री! क्या है BJP का प्लान?

SIR के तीनों आदेश सर्वसम्मति से लिए गए, चुनाव आयोग का सुप्रीम कोर्ट में जवाब