Trump 100 Percent Tariff India Russia Oil: अमेरिका की संसद में आज एक महत्वपूर्ण बिल पर अंतिम वोटिंग होनी है, इसके बाद इस बिल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास कानून बनाने के लिए भेजा जाएगा। इस बिल के पास हो जाने से राष्ट्रपति के पास रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा। माना जा रहा है कि ट्रंंप भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगा सकते हैं। इसी बीच इसे लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोला है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे सरकार की विदेश और व्यापार नीतियों नाकामी बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, आपके प्यारे दोस्त अबकी बार ट्रंप सरकार का हुक्म चलता है, आप घुटने टेक देते हैं और नतीजा 140 करोड़ भारतीयों को भुगतना पड़ता है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि भारतीय सामान पर 100% तक अमेरिकी टैरिफ की धमकी दिखाती है कि आपकी सरकार की विदेश और व्यापार नीतियां कितनी बुरी तरह फेल हो गई हैं। खरगे ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग का सामान, केमिकल, ऑटो पार्ट्स, रत्न और आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर को इस भारी भरकम टैरिफ का जबरदस्त झटका लग सकता है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा पहले 25% टैरिफ आया, फिर 50%, और अब 100% का खतरा है। इस बीच, मोदी सरकार एक ऐसे व्यापार ढांचे पर सहमत हो गई जो हमारे किसानों के हितों को गिरवी रखकर भारत के कृषि के उत्पादों तक अमेरिकियों की पहुंच बढ़ाता है। यह ढ़ांचा असल में पांच साल में $500 बिलियन का अमेरिकी सामान खरीदने के लिए मजबूर करता है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने ऑनलाइन लेने-देन पर फीस लगाए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि UPI पर MDR पर कल का समर्पण आपकी सरकार की नरमी का एक और साफ उदाहरण है। टैरिफ और ट्रेड से लेकर H1B1 इमिग्रेशन, वीजा और डिजिटल पेमेंट तक, वॉशिंगटन से दबाव बढ़ता जा रहा है, और आप, 'हाउडी मोदी जी' सरेंडर करते जा रहे हैं।
कांग्रेस ने सरकार द्वारा UPI पेमेंट पर फीस लगाने के फैसले की जमकार आलोचना की है। कांग्रेस ने इसे मोदी सरकार का टैक्स करार दिया। मल्लिकार्जुन खरगे के अलावा सुप्रिया श्रीनेत ने भी इस मामले में केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि UPI अभी पूरी तरह से फ्री था लेकिन ये पीएम मोदी को पसंद नहीं आया और उन्होंने देश के मजदूरों, युवाओं छात्रों और अन्य लोगों से यूपीआई के द्वारा वसूली की जाएगी। यह कोरा झूठ है कि फीस सिर्फ मर्चेंट से लिया जाएगा। ऐसे में मर्चेंट सीधा कीमतों में दाम बढ़ा देगा और आम लोगों से यह वसूली जाएगी।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सभी लेन-देन में से 4% ऐसे हैं, जो पर्सन-टू-मर्चेंट, कमर्शियल UPI पेमेंट हैं, जो 2,000 रुपये से ज्यादा के हैं। कुल मिलाकर, यह लगभग 605 करोड़ लेन-देन हैं। कीमत के हिसाब से, यह दो-तिहाई है, जो लगभग 66.22 लाख करोड़ रुपये है। एक या दो लाख नहीं, 66.22 लाख करोड़ रुपये।
कांग्रेस नेता ने कहा कि, मार्केट पर किसका कब्जा है? पैसा कहां जाएगा? इसका भुगतान कौन करेगा? भुगतान आम भारतीय करेंगे, छात्र करेंगे, युवा करेंगे, मजदूर करेंगे, मिडिल क्लास करेंगे। यह पैसा किसके पास जाएगा? यह पैसा बड़े ऐप्स द्वारा अलग कर लिया जाएगा। बड़े ऐप्स कौन से हैं? गूगल पे और फोनपे। दोनों मिलकर भारतीय मार्केट के 86% के मालिक हैं। दोनों अमेरिकी कंपनियां हैं। वॉलमार्ट के पास फोनपे का 72% हिस्सा है। फोनपे के IPO वैल्यूएशन बहुत करीब हैं। क्या भारतीयों को अधिक IPO वैल्यूएशन के लिए पेमेंट करना पड़ रहा है? क्या भारतीयों को अमेरिकी कंपनियों की ज्यादा कमाई के लिए पेमेंट करना पड़ रहा है?
सुप्रिया श्रीनेत ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि यह फैसला अमेरिका के कहने पर, अमेरिका के दबाव में, अमेरिकी कंपनियों की लॉबिंग पर लिया गया है। लेकिन यह बहुत बुरा है क्योंकि ऐसे समय में जब आपको महंगाई से जूझ रहे आम भारतीयों को राहत देनी चाहिए थी, सरकार असल में उन पर बोझ बढ़ी रही हैं। उन्होंने कहा, आप हमारी नहीं सुनते, आप आम लोगों की नहीं सुनते। अपने साथियों की सुनो। विरोध की आवाजें, इस कदम को वापस लेने की आवाजें, आपके अपने साथी उठा रहे हैं, आपके अपने समर्थक उठा रहे हैं। उनकी सुनिए और जो जरूरी है वह करिए।