नागालैंड के मंत्री तेमजेन इमना अलोंग, फोटो- सोशल मीडिया 
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गला काटना हमसे बेहतर कोई नहीं जानता: बांग्लादेशी कट्टरपंथियों को तेमजेन इमना अलोंग की दोटूक वार्निंग

Temjen Imna Along: नागालैंड के मंत्री तेमजेन इमना अलोंग ने बांग्लादेशी कट्टरपंथियों द्वारा 'चिकन नेक' काटने की धमकी पर पलटवार करते हुए पूर्वोत्तर की ऐतिहासिक शक्ति और 1971 के इतिहास की याद दिलाई।

प्रतीक पाण्डेय

 Bangladesh Anti India Protest: बांग्लादेश में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच भारत-विरोधी बयानों और 'चिकन नेक' कॉरिडोर को ब्लॉक करने की धमकियों पर नागालैंड के भाजपा अध्यक्ष तेमजेन इमना अलोंग ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्वोत्तर के लोग अपनी भौगोलिक परिस्थितियों और ताकत को किसी भी बाहरी ताकत से बेहतर समझते हैं।

बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के गठन के बाद से कुछ कट्टरपंथी तत्वों और छात्र नेताओं द्वारा भारत के पूर्वोत्तर को लेकर उकसाऊ बयान दिए जा रहे हैं। हाल ही में नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेता अब्दुल्ला ने धमकी दी थी कि वे 'सेवन सिस्टर्स' को भारत से काट देंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तेमजेन इमना अलोंग ने कहा कि जहाँ तक "गला या गर्दन काटने" जैसी बातों का सवाल है, इन वास्तविकताओं को पूर्वोत्तर के लोगों से बेहतर कोई नहीं जानता। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत की क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती देना विरोधियों की सबसे बड़ी भूल होगी।

घटोत्कच और हिडिम्बा: पूर्वोत्तर के साहस का पौराणिक संदर्भ

अपनी बात को मजबूती से रखने के लिए अलोंग ने महाभारत के पात्रों घटोत्कच और हिडिम्बा का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि भीम की पत्नी हिडिम्बा और उनके पुत्र घटोत्कच पूर्वोत्तर की दिमासा जनजाति से थे। उन्होंने कहा, "यदि विरोधियों ने पूर्वोत्तर के घटोत्कच और हिडिम्बा की शक्ति नहीं देखी है, तो उनका स्वागत है; हम उन्हें दिखाएंगे कि हम क्या कर सकते हैं"। यह संदर्भ पूर्वोत्तर के जनजातीय समुदायों के युद्ध कौशल और साहस को रेखांकित करने के लिए दिया गया।

1971 का इतिहास और कृतघ्नता की राजनीति

अलोंग ने उपद्रवी तत्वों को 1971 के मुक्ति संग्राम की याद दिलाते हुए कहा कि जो आज भारत के खिलाफ जहर उगल रहे हैं, उन्हें नहीं भूलना चाहिए कि उनके देश की आजादी के पीछे भारतीय सेना का ही हाथ था। उन्होंने इसे "कृतघ्नता की राजनीति" करार देते हुए कहा कि अपने ही रक्षक के खिलाफ जाना आत्मघाती हो सकता है।

'चिकन नेक' केवल मीडिया का शब्द: अटूट एकता का दावा

सामरिक दृष्टि से संवेदनशील 'चिकन नेक कॉरिडोर' (Siliguri Corridor) पर अलोंग ने कहा कि यह महज मीडिया द्वारा दिया गया एक शब्द है। असलियत में, पूर्वोत्तर के लोग भारत के साथ एक अटूट और मजबूत कड़ी के रूप में जुड़े हुए हैं। उन्होंने गर्व से कहा कि "हम पूरी तरह से भारतीय हैं" और कोई भी बाहरी साजिश इस जुड़ाव को नहीं तोड़ सकती। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे सभी बांग्लादेशियों को गलत नहीं मानते, बल्कि केवल उन 'पागल' और कट्टरपंथी तत्वों को चेतावनी दे रहे हैं जो नफरत फैला रहे हैं।

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