सुप्रीम कोर्ट सोर्स- सोशल मीडिया
देश

तिरुपति लड्डू में मिलावट मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, कोर्ट ने केस ट्रांसफर करने की मांग खारिज की

Supreme Court On Tirupati Mandir Laddu: सुप्रीम कोर्ट ने लड्डू में मिलावट मामले को लेकर केस को ट्रांसफर करने की मांग खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि इस संबंध में पहले ही आदेश पारित है।

नितिन कुमार राय

Highlights

  • तिरुपति लड्डू में मिलावट के मामले में सुनवाई

  • कोर्ट ने केस ट्रांसफर करने की मांग खारिज की

  • आंध्र प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी

Tirupati Mandir Laddu Adulteration: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तिरुपति लड्डू में मिलावट के मामले की सुनवाई को लेकर दायर एक याचिका खारिज कर दी, जिसमें आंध्र प्रदेश से बाहर किसी पड़ोसी राज्य में मामले को स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने स्पष्ट कहा कि सुनवाई स्थानांतरित करने का कोई आधार नहीं बनता है।

याचिकाकर्ता की दलील क्या थी?

याचिकाकर्ता मच्छिंद्र शांताराम लांके (महाराष्ट्र के एक डेयरी उद्यमी) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने दलील दी कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री लगातार राजनीतिक बयान दे रहे हैं। इससे राज्य में निष्पक्ष सुनवाई का माहौल प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री लगातार राजनीतिक बयान दे रहे हैं। अभियोजन पक्ष को निष्पक्ष होना चाहिए। मुकदमे को किसी दूसरे पड़ोसी राज्य में स्थानांतरित किया जा सकता है, जहां यह मुद्दा इतना भावनात्मक न हो।

कोर्ट ने क्या कहा?

पीठ ने कहा कि इस संबंध में वह पहले ही आदेश पारित कर चुकी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने टिप्पणी की कि हमने अपने आदेश से उन सभी को चुप करा दिया है। अगर कुछ होता है, तो आप हमारे पास आ सकते हैं। अदालत ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।

तिरुपति बालाजी मंदिर का प्रसाद लड्डू करोड़ों भक्तों की आस्था से जुड़ा है। कुछ समय पहले लड्डू बनाने में इस्तेमाल घी में मिलावट के आरोप लगे थे। आरोप था कि शुद्ध गाय के घी की जगह नकली या मिलावटी घी इस्तेमाल किया गया। इस विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया।

कोर्ट के निर्देश पर जांच

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) ने जांच की। आरोपियों में सप्लायर कंपनियां और संबंधित लोग शामिल हैं। यह मामला आस्था, मंदिर प्रबंधन और भ्रष्टाचार से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील बना हुआ है।

सितंबर, 2024 में तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले घी की जांच रिपोर्ट में जानवरों की चर्बी होने की बात सामने आई थी। जिसके बाद पूरे देशभर में इसपर बवाल हुआ था। कई हिंदू संगठन इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गया जिसके बाद एसआईटी गठित की गई।

दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में बड़ा हादसा, तीन मंजिला इमारत ढही; 2 लोगों की मौत, कई मलबे में दबे

न्यूजीलैंड में नौकरी और पढ़ाई का नया रास्ता, भारत के साथ FTA लागू; जानें छात्रों और युवाओं को क्या मिलेगा

गोकुल में दूध उत्पादकों ने भाजपा को हरा दिया, तो भाजपा ने चुनाव के बाद नियम बदल दिए, राहुल गांधी का बड़ा आरोप

त्योहार के बीच राजनैतिक रैली से व्यापार को झटका! ट्रेडर्स ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर चिंता जताई

Ankita Bhandari Murder Case: राजघाट पर धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता को पुलिस ने हटाया, मां की बिगड़ी तबीयत