Supreme Court On Rahul Gandhi: भारतीय सेना पर आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट ने जमकर फटकार लगाई। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की अदालत ने सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के बयान पर तीखी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि आपको कैसे पता कि चीन ने भारत की 2000 वर्ग किमी. जमीन पर कब्जा कर लिया है। विश्वसनीय जानकारी क्या है। अगर आप सच्चे भारतीय होते तो ऐसा नहीं कहते।
कोर्ट ने राहुल गांधी को सोशल मीडिया के बजाय संसद में बोलने का निर्देश देते हुए कहा " जब सीमा पार संघर्ष चल रहा हो, तो क्या आप ये सब कह सकते हैं। आप संसद में सवाल क्यों नहीं पूछ सकते? आप (राहुल गांधी) विपक्ष के नेता हैं, संसद में बोलें, सोशल मीडिया पर नहीं बोले।"
राहुल गांधी के बयानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाने के बाद उन्हें राहत दी है। सेना पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ की कोर्ट में चल रही राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने शिकायकर्ता उदय शंकर श्रीवास्तव और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भेजा है।
दरअसल भारत जोड़ों यात्रा के दौरान 16 दिसंबर 2022 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि लोग भारत जोड़ो यात्रा के बारे में पूछेंगे, लेकिन चीन ने भारत की 2000 वर्ग किमी जमीन पर कब्जा कर लिया, 20 भारतीय सैनिक मारे गए। हमारे सैनिकों को अरुणाचल में पीटा जा रहा है।
राहुल गांधी के इस बयान पर बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन यानी BRO के पूर्व निदेशक उदयशंकर श्रीवास्तव ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने गांधी के खिलाफ लखनऊ की एमपी एमएलए कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। उदयशंकर का कहना है कि राहुल गांधी के इस बयान से न सिर्फ भारतीय सेना का मनोबल डाऊन हुआ है। बल्कि उनके परिवार के लोगों की भी भवानाएं आहत हुई हैं।
मामले में इसी साल 29 मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता की याचिका खारिज करते हुए समन भेजा था। वहीं राहुल की तरफ से समन और शिकायत को चुनौती दी गई थी। राहुल गांधी की तरफ से कहा गया कि दुर्भावना पूर्ण और खराब नीयत से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।