Andhra Pradesh Weather Update: आंध्र प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। अमरावती मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक करुणा सागर ने जानकारी देते हुए बताया कि अनंतपुर, तिरुपति और चित्तूर क्षेत्र में मानसून तेजी से बढ़ रहा है। अगले दो से तीन दिनों में राज्य के अन्य हिस्सों में भारी वर्षा होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया कि यह किसानों के लिए बेहद अच्छी खबर है। क्योंकि क्षेत्र में बारिश होने से खेती-किसानी को बड़ा लाभ मिलेगा। आने वाले 7 दिनों में रायलसीमा क्षेत्र में बारिश होती रहेगी। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है, लेकिन सातवें दिन यानी 13-14 जून के आसपास तटीय आंध्र प्रदेश में भारी वर्षा हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिक करुणा सागर ने जानकारी देते हुए बताया कि अगले पांच दिनों तक रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है। अनंतपुर और उन इन क्षेत्रों में जहां बारिश पहले से हो रही है वहां तेज हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और मध्य तटीय क्षेत्रों में भी आंधी और गरज-चमक के दौरान तेज हवाएं भी चल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की दस्तक के बावजूद अगले पांच दिनों तक तापमान में कोई बड़ी गिरावट होने की संभावना नहीं है और भीषण गर्मी का असर जारी रहेगा। पिछले दो दिनों से जो हीटवेव की स्थिति बनी हुई है वह अगले तीन दिनों तक जारी रह सकता है। नेल्लोर, प्रकाशम, पलनाडु, बापटला, गुंटूर, कृष्णा, पश्चिम गोदावरी, कोनसीमा, काकीनाडा और एनटीआर जिले समेत कई तटीय इलाकों में तेज गर्म और उमस गर्मी रहेगी।
मौसम विभाग ने बताया कि एलुरु, पूर्वी गोदावरी, अल्लूरी सीताराम राजू और अनकापल्ली जिलों में भी लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए लोगों से अपील है कि वे बेवजह सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकले। आवश्यकता पड़ने पर बाहर निकलते समय टोपी, चश्मा और शरीर को ढकने वाले कपड़ों का उपयोग करे और पर्याप्त मात्रा में पानी और छाछ का सेवन करें।
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मौसम विभाग ने तेज हवाओं को देखते हुए लोगों से पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है। क्योंकि तेज हवा के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पौधों के उखड़ने और बिजली व टेलीफोन के खंभों को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है।