पीएम मोदी और कांग्रेस सांसद शशि थरूर। इमेज-सोशल मीडिया 
देश

शशि थरूर का मोदी प्रेम! अब ट्रंप-ममदानी की मुलाकात के बहाने कांग्रेस पर कड़ा कटाक्ष

Trump-Mamdani Meeting and Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लोकतंत्र की भावना जोर देते हुए कहा कि चुनावों को विचारों के लिए पूरी ताकत से लड़ना चाहिए।

रंजन कुमार

Tharoor Post on Trump-Mamdani Meeting: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी के साथ व्हाइट हाउस में हुई बैठक की तारीफ करते हुए कहा है कि चुनावों के दौरान एक-दूसरे पर तीखे हमले के बावजूद डेमोक्रेटिक भावना को बनाए रखा गया। थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दोनों अमेरिकी नेताओं का वीडियो शेयर करते हुए लिखा-चुनाव में सभी पार्टियां अपनी-अपनी विचारधार के साथ जोश से लड़ें, बिना रोक-टोक के, लेकिन एक बार जब चुनाव खत्म हो जाए तो देश हित के लिए एक-दूसरे के साथ सहयोग करना सीखें। मैं भारत में भी ऐसा ही देखना चाहता हूं।

थरूर के इस बयान की भाजपा तारीफ कर रही है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि थरूर ने पोस्ट के माध्यम से अपनी पार्टी के नेताओं को याद दिलाया कि वे गांधी परिवार के बजाय देश को पहले रखें। वहीं, कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने उन्हें पाखंडी तक करार दे दिया। बता दें, कांग्रेस सांसद थरूर पिछले कुछ महीनों से लगातार एनडीए सरकार के कार्यों, नीतियों और पीएम मोदी के व्यक्तित्व की सराहना कर रहे हैं।

थरूर ने पार्टी लाइन से हटकर दिए ये बयान

8 नवंबरः आडवाणी को एक घटना तक सीमित करना सही नहीं।

8 नवंबर: लालकृष्ण आडवाणी का 98वां जन्मदिन था। थरूर ने एक्स पर आडवाणी के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थी। उन्होंने लिखा- लालकृष्ण आडवाणी जी को उनके 98वें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! जनसेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता, विनम्रता, शालीनता और आधुनिक भारत की दिशा तय करने में उनकी भूमिका अमिट है। एक सच्चे राजनेता, जिनका सेवामय जीवन अनुकरणीय रहा।

3 नवंबरः थरूर ने भारत की वंशवादी राजनीति की आलोचना की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन प्रोजेक्ट सिंडिकेट में लिखे अपने लेख में कहा-भारत में राजनीति फैमिली बिजनेस बन गई है। जब तक राजनीति परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती रहेगी, तब तक लोकतांत्रिक सरकार का असल मतलब पूरा नहीं हो सकता।

6 सितंबरः थरूर ने भारत-अमेरिका में टैरिफ को लेकर बढ़ते विवाद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब की सराहना की थी। थरूर ने तिरुवनंतपुरम में कहा था कि मैं इस नए लहजे का एहतियात के साथ स्वागत करता हूं।

10 जुलाईः शशि थरूर ने मलयालम भाषा के अखबार दीपिका में एक आर्टिकल लिखा था- इमरजेंसी को सिर्फ भारतीय इतिहास के काले अध्याय के रूप में याद नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इससे सबक लेना जरूरी है। साथ ही नसबंदी अभियान को मनमाना और क्रूर फैसला बताया।

23 जूनः थरूर ने द हिंदू में प्रकाशित एक आर्टिकल में लिखा था कि मोदी की ऊर्जा, गतिशीलता और जुड़ने की इच्छा वैश्विक मंच पर भारत के लिए प्रमुख संपत्ति है, लेकिन उन्हें और ज्यादा सपोर्ट मिलना चाहिए।

8 मई: सांसद ने एक्स पर लिखा था कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान और दुनिया के लिए मजबूत संदेश है। भारत ने 26 बेकसूर नागरिकों की मौत का बदला लेने के लिए सटीक कार्रवाई की।

19 मार्च: थरूर ने रायसीना डायलॉग में बोलते हुए कहा था कि भारत के पास ऐसा प्रधानमंत्री है, जो वोलोदिमिर जेलेंस्की और व्लादिमीर पुतिन दोनों को गले लगा सकता है। हम दोनों जगहों (रूस और यूक्रेन) पर स्वीकार किए जाते हैं। यूक्रेन युद्ध पर भारत के रुख का विरोध करना उनकी गलती थी।

15 फरवरी 2025: कांग्रेस सांसद ने 15-16 फरवरी को पीएम मोदी के अमेरिका दौरे पर कहा था कि इस यात्रा से कुछ अच्छा हासिल हुआ है। व्यापार और सुरक्षा सहयोग में प्रगति हुई। मैं इसे एक भारतीय के रूप में सराहना करता हूं।

नेपाल में बाढ़ से हाहाकार, मदद के लिए सबसे पहले आगे आया भारत; 10 टन राहत सामग्री भेजी, देखें लिस्ट

चीन में अजित डोभाल का बड़ा दांव, भारत-चीन सीमा वार्ता में 8 मुद्दों पर बनी बात, LAC पर शांति के लिए बड़ा कदम

मणिपुर दहलाने की साजिश नाकाम, 13 उग्रवादी गिरफ्तार, रॉकेट-ग्रेनेड से लैंडमाइन तक बड़े हथियार बरामद

तिब्बत में बाढ़ से तबाही, सद्गुरु के कैलाश यात्रा ग्रुप के लोग फंसे; 77 इमिग्रेशन सेंटर पर, देखें VIDEO

Explainer: नेपाल में अचानक क्यों आई भारी तबाही, क्या है वो असली वजह; जिसने तबाह की सैकड़ों जिंदगियां