बुक लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान सद्गुरु और केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया (नवभारत ब्यूरो)
देश

सद्गुरु ने लॉन्च की खास फोटो-निबंध पुस्तक डिसअपियरिंग फेसेस, सामने आईं हिमालय के लोगों की अनदेखी तस्वीरें

Sadhguru New Photography Book: सद्गुरु की नई फोटोग्राफी-बुक उन लोगों और समुदायों की झलक दिखाती है, जिनसे वे हिमालय की अपनी दशकों से चली आ रही यात्राओं के दौरान मिले थे।

मनोज आर्या

Sadhguru New Photography Book Launching: सद्गुरु की नई फोटोग्राफ़ी-बुक 'डिसअपियरिंग फ़ेसेस' सोमवार को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में लॉन्च की गई। इस किताब में नेपाल और तिब्बत में दूर-दराज के हिमालयी इलाकों की यात्राओं के दौरान मिले लोगों की तस्वीरें शामिल हैं। पेंगुइन इंडिया द्वारा प्रकाशित 'डिसअपियरिंग फेसेस' (Disappearing Faces) उन लोगों की तस्वीरों का एक खास संग्रह है जिनसे सद्गुरु हिमालय में सबसे दूर-दराज के इलाकों की अपनी यात्राओं के दौरान मिले थे।

यात्रा के दौरान कैमरा साथ ले जाकर, सद्गुरु ने उन चेहरों की तस्वीरें लेनी शुरू कीं जो प्रकृति के करीब रहने और आधुनिक जीवन की भागदौड़ से दूर रहने के कारण खास तरह से ढल गए थे।

केंद्रीय मंत्री भी रहे मौजूद

इस पुस्तक को केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया की मौजूदगी में लॉन्च किया गया। इसके बाद सद्गुरु और लेखक व कमेंटेटर आनंद रंगनाथन के बीच बातचीत हुई, जिसमें तस्वीरों के पीछे की कहानियों और अनुभवों पर चर्चा की गई। बातचीत के दौरान पुस्तक के बारे में बताते हुए सद्गुरु ने कहा कि ये चेहरे एक ऐसे दौर की झलक दिखाते हैं जो जल्द ही गायब हो जाएगा।

ऐसे चेहरे जिन पर सिर्फ रोशनी और अंधेरे, गर्मी और ठंड, बसंत और सर्दियों के अहसास की छाप है और सबसे बढ़कर, ये चेहरे ऐसी जानकारी से अछूते हैं जिनका हमारी इंद्रियों से कोई लेना-देना नहीं है।

बुक लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान की तस्वीर

सद्गुरु ने क्या कहा?

हमारी इंद्रियां हमें जीवन के एक ऐसे अहसास तक ले जाती हैं जिसमें कोई बकवास नहीं होती। ये मासूम चेहरे ऐसे जीवन को दर्शाते हैं जो भले ही सादा लगे, लेकिन जमीन, हवा, पानी और लोगों के गहरे अनुभवों से समृद्ध है। पिछले पांच दशकों में, साल-दर-साल, पहाड़ों की सुंदरता और अद्भुत प्रकृति से परे, इन चेहरों ने मुझे हिमालय की गहरी घाटियों और वादियों की ओर खींचा है।

किताब लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान सद्गुरु

सद्गुरु ने पहली बार 2006 में मानसरोवर और माउंट कैलाश की यात्रा की थी और तब से वे बार-बार वहां जाते रहे हैं, साथ ही हिमालय की तीर्थयात्रा पर जाने वाले साधकों का मार्गदर्शन भी करते रहे हैं। 2025 में कैलाश की अपनी पहली मोटरसाइकिल यात्रा के बाद, सद्गुरु इस साल एक बार फिर मोटरसाइकिल से वहां लौटने वाले हैं, और हिमालय की पवित्र धरती के साथ अपने अनोखे रिश्ते को जारी रखेंगे।

हिमालय से सद्गुरु का लगाव

हिमालय वर्षों से सद्गुरु के जीवन का एक अहम हिस्सा रहा है, साथ ही वे लोगों की खुशहाली, मानव चेतना को बढ़ाने और पर्यावरण को पुनः बहाल करने के कामों में लगे रहे हैं। 'डिसअपियरिंग फेसेस' पुस्तक हार्डबैक और पेपरबैक, दोनों रूपों में Amazon, Crossword, SapnaOnline और Atlantic पर उपलब्ध है। इसे यहां देखा जा सकता है: penguin.co.in/book/disappearing-faces/

ज्यादा जानकारी के लिए mediarelations.foundation@sadhguru.org पर लिखें या 94874 75346 पर कॉल करें।

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