आज है विश्व योग गुरु जग्गी वासुदेव ‘सदगुरु’ का जन्मदिन, जानें उनसे जुड़ी कुछ खास बातें

jaggi-vasudev-saddguru
Updated on

नई दिल्ली: देश में कुछ व्यक्तित्व ऐसे है जो अपने कार्य से पुरे विश्व में अपना नाम करते हैं। उन्हीं में से एक पद्म विभूषण और विश्व योग गुरु जग्गी वासुदेव ‘सदगुरु’ है। जी हां आज इनका जन्मदिन है। आज वे 65 साल के हो गए हैं। माना जाता है कि विश्व में सर्वाधिक आध्यात्मिक देश भारत को कहा जाता है। जैसा कि हम सब जानते है, हमारा देश हमेशा से  आध्यात्मिकता (Spirituality) से सम्पन्न रहा है। अध्यात्म और योग मनुष्य के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है। आज भी कुछ ऐसे चुनिंदा लोग है जो इस राह पर निरंतर कार्य करते रहते है, उन्ही में से एक है विश्वयोग गुरु जग्गी वासुदेव ‘सदगुरु’ है। तो चलिए आज उनके जन्मदिन के अवसर पर जानते है इनके बारे में कुछ खास बातें.. 

बाल्यावस्था से ही प्रकृति से लगाव

आपको बता दें कि जग्गी वासुदेव का जन्म तीन सितंबर 1957 को कर्नाटक के मैसूर में एक तेलुगु भाषी परिवार में हुआ था। दरअसल उनके पिता एक मैसूर रेलवे अस्पताल में डॉक्टर थे। वे कुल 4 भाई बहन थे। वे अपने दो भाई और दो बहनों में सबसे छोटे थे। उनके घर के पास जंगल था जहां वे अक्सर चले जाया करते थे और घंटों प्रकृति के पास रहा करते थे उन्होंने प्रकृति के पास रहना अच्छा लगता था, तब से उनका झुकाव प्रकृति की ओर बढ़ता चला गया, आज वो प्रकृति संवर्धन के लिए विश्वस्तरीय मोहिम चला रहा है। 

घूमना है बेहद पसंद 

इनमें कुछ बातें ऐसी है जिस वजह से वे लोगों से जल्द ही जुड़ जाते है। जी हां जग्गी वासुदेव को घूमना, एडवेंचर और अज्ञात की खोज करना बेहद पसंद है, इन सब में उन्हें बेहद दिलचस्पी है। इतना ही नहीं साथ ही जंगलों में ज्यादा घूमने की वजह से उन्हें जानवरों के प्रति लगाव हो गया जिसमें अन्य पालतू जानवरों के साथ वे सांपों को भी बहुत पसंद करते थे। आपको बता दें कि 11 साल की उम्र में उन्होंने ध्यान लगाना भी शुरू कर दिया था। 

Koo App
A river is a life much larger than we are. People like you and me come and go, but our rivers must stay alive for always. #SadhguruQuotes
View attached media content
-Sadhguru (@SadhguruJV)3 Sep 2022

व्यापार में भी हासिल की सफलता

युवा जग्गी को मोटरसाइकिल से बहुत से लगाव रखते है। वह उनके लिए देश के हिस्सों में घूमने का साधन है, जिसपर सवार होकर वे बड़े शान से अपना सफर तय करते है। उआपको बता दें कि न्होंने मैसूर यूनिवर्सिटी से ही अंग्रेजी में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई नहीं की और उन्होंने व्यापार करना पसंद किया जिसमें वे सफल भी हुए,लेकिन अध्यात्म ने उनका पीछा नहीं छोड़ा, और यह उनके जीवन के साथ जुड़ गया है। इन सभी वजह से वे आसानी से लोगों से जुड़ जाते है, खासकर युवाओं से जल्द ही कनेक्ट हो जाते है। 

Navbharat Live
navbharatlive.com