विदेश मंत्री एस जयशंकर सोर्स- सोशल मीडिया
देश

...असहाय दर्शक बनकर नहीं रह सकते, मिडिल ईस्ट संकट को लेकर एस जयशंकर का बयान; संवाद और कूटनीति को जरूरी बताया

MEA S Jaishankar Statement On War: विदेश मंत्री ने मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध को लेकर कहा कि संवाद और कूटनीति जरूरी है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि युद्ध कहीं हो हर जगह के लिए खतरा है।

नितिन कुमार राय

Highlights:

  • मिडिल ईस्ट तनाव को लेकर एस जयशंकर ने दिया बयान

  • कहीं भी युद्ध हो लेकिन हर जगह शांति के लिए खतरा है

  • अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाले दूरगामी प्रभाव पर चिंता जताई

Middle East Tension: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कहीं भी युद्ध हो रहा हो लेकिन हर जगह शांति के लिए खतरा है। उन्होंने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों और दुनिया भर के लोगों और अर्थव्यवस्थाओं पर उनके दूरगामी प्रभाव पर चिंता व्यक्त की।

संयुक्त राष्ट्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में आयोजित चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन में बोलते हुए, जयशंकर ने भारत के इस रुख को दोहराया कि संवाद और कूटनीति ही संघर्षों को सुलझाने का एकमात्र तरीका है।

भारत संघर्ष कम करने के लिए तैयार

एस जयशंकर ने कहा कि आज दुनिया में दो प्रमुख संघर्ष चल रहे हैं। यूक्रेन में और पश्चिम एशिया या मध्य पूर्व में। समाज और अर्थव्यवस्थाएं, दूर-दराज के लोग, जिनकी इस मामले में बहुत कम राय है, वास्तव में इसकी कीमत चुका रहे हैं।

इस बात पर जोर देते हुए कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय मूक दर्शक बनकर नहीं रह सकता, जयशंकर ने कहा कि भारत संघर्षों को सुलझाने के लिए स्वयं प्रयास कर रहा है और शांति बहाल करने के लिए अन्य देशों के साथ काम करने को तैयार है।

आतंकवाद पर एस जयशंकर की दो टूक

उन्होंने आगे कहा कि हम असहाय दर्शक बनकर नहीं रह सकते। भारत वैश्विक भावना को व्यक्त करता है जब हम कहते हैं कि संवाद और कूटनीति ही एकमात्र समाधान हैं। हम स्वयं प्रयास कर रहे हैं और इस दिशा में अन्य साझेदारों के साथ काम करने के लिए तत्पर हैं।

विदेश मंत्री ने आतंकवाद को वैश्विक शांति के लिए एक और बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि इसका राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल बिल्कुल अस्वीकार्य है और इसे न तो उचित ठहराया जा सकता है और न ही तर्कसंगत बनाया जा सकता है।

आतंकवाद से लड़ने के लिए सामूहिक कार्रवाई जरूरी बताया

उन्होंने कहा कि आतंकवाद शांति के लिए एक और घातक खतरा है। उन्होंने आगे कहा कि यह खतरा इसलिए बना हुआ है क्योंकि सभी देश इसके प्रति शून्य सहिष्णुता नहीं दिखाते हैं।

जयशंकर ने कहा कि इतिहास में इतने सारे सबक होने के बावजूद, कुछ देश अभी भी राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने आतंकवाद के सभी रूपों का मुकाबला करने के लिए वैश्विक जागरूकता बढ़ाने और मजबूत सामूहिक कार्रवाई का आह्वान किया।

UP चुनाव से पहले कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, लखनऊ में 200 सीट हक है हमारा के पोस्टर; अखिलेश की बढ़ेगी टेंशन?

कांग्रेस ने ECI के विरोध में रैली के बीच सांसदों को भेजा पत्र, 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक दिल्ली में रहने को कहा

ऑपरेशन सिंदूर में भारत का महाप्रहार! एयर चीफ का बड़ा बयान, बोले- कोई टारगेट IAF पहुंच से बाहर नहीं

भारत में BRICS संसदीय मंच की बैठक, 13 देशों के प्रतिनिधि करेंगे मंथन; AI से समावेशी विकास तक पर होगी चर्चा

मन की बात मेरे लिए तीर्थ यात्रा जैसी… 12 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने बताई दिल की बात