मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में औरंगजेब (Aurangzeb) को लेकर विवाद चल रहा है। इस बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने अपना जन्मदिन अनोखे तरीके से मनाया। ठाकरे ने अपने मुंबई में निवासस्थान पर औरंगजेब और लाउडस्पीकर की तस्वीर वाला केक काटकर जन्मदिन मनाया। मनसे कार्यकर्ताओं ने मुंबई में औरंगजेब का पुतला भी फूंका।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कोल्हापुर में शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक जयंती समारोह के दिन औरंगजेब और टीपू सुल्तान को महिमामंडित करने वाली सोशल पोस्ट के वायरल होने के बाद तनाव की स्थिति बन गई थी।
राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना का जायजा लेने के दौरान कहा, "महाराष्ट्र में अचानक कुछ जिलों में औरंगजेब की औलादें पैदा हुई हैं। वे औरंगजेब की फोटो रखते हैं और स्टेटस लगाते हैं। इस कारण समाज में दुर्भावना और तनाव पैदा हो रहा है। सवाल ये है कि अचानक औरंगजेब की इतनी औलादें कहां से पैदा हुईं। इसके पीछे कौन है। इसका असली मालिक कौन है ये भी हम ढूंढ कर निकालेंगे। महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था और उसका नाम खराब करने की कोशिश करने वालों को भी हम ढूंढ निकालेंगे।"
फडणवीस के बयान पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 'नाथूराम गोडसे और आप्टे' का ज़िक्र करते हुए उपमुख्यमंत्री पर निशाना साधा।
ओवैसी ने हैदराबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा,''महाराष्ट्र के गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा ''औरंगजेब की औलाद''। क्या आपको मालूम है कि कौन किसकी औलाद है। मुझे तो नहीं मालूम किस चीज के एक्सपर्ट हैं आप। तो फिर गोडसे की औलाद कौन है बताइए हमें। आप्टे की औलाद कौन है बताइए हमें।''
बता दें कि नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे को महात्मा गांधी की हत्या के मामले फांसी पर चढ़ा दिया गया था।
वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नाथूराम गोडसे को भारत का एक 'सपूत' (योग्य पुत्र) करार दिया। उन्होंने कहा कि गोडसे गांधी के हत्यारे हैं तो भारत के सपूत भी हैं। महात्मा गांधी का हत्यारा मुगल शासक बाबर और औरंगजेब जैसा आक्रमणकारी नहीं था क्योंकि वह भारत में पैदा हुआ था। जिसको बाबर की औलाद कहलाने में खुशी महसूस होती है वो कम से कम भारत माता का सही सपूत नहीं हो सकता।''
गिरिराज का यह बयान आते राजनीति गरमा गई और विपक्ष के नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। कई नेताओं ने गिरिराज के बयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किए।