Rahul Gandhi Protest: जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने खुलकर समर्थन दिया है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान जब पुलिस उन्हें हटाकर ले जा रही थी, तब कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके कान में कहा कि "इस सरकार को हटाइए।"
दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा, "यह सही है कि पुलिस मुझे घसीटकर ले गई, लेकिन उसी दौरान कुछ पुलिसकर्मी कान में कह रहे थे कि इस सरकार को हटाइए। मैं राजस्थान और हरियाणा का हूं। हमें सिर्फ आदेशों का पालन करना पड़ता है। जो हो रहा है, उससे हम भी खुश नहीं हैं।"
मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के निकट छात्रों के समर्थन में धरना दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने "प्रधानमंत्री इस्तीफा दो", "छात्रों को न्याय दो" और "गुंडागर्दी नहीं चलेगी" जैसे नारे लगाए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक हुए हैं, जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा, "भारत का शिक्षा तंत्र, जिसे दुनिया के बेहतरीन शिक्षा तंत्रों में गिना जाता था, आज धांधली का शिकार हो गया है। हर महीने लगभग एक पेपर लीक हो रहा है। लाखों छात्रों को दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी पड़ती है, लेकिन सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।"
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कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि इतने बड़े पैमाने पर पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद अब तक किसी भी मामले में दोषियों को सजा नहीं मिली है। उन्होंने कहा, "152 पेपर लीक हुए, लेकिन कन्विक्शन शून्य। कुछ लोग पूरे शिक्षा तंत्र को बर्बाद कर रहे हैं और सरकार कार्रवाई करने में विफल रही है।" राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस छात्रों की मांगों का पूरा समर्थन करती है और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को जवाबदेह ठहराने की लड़ाई जारी रखेगी।