Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi Released: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को दिल्ली पुलिस ने रिहा कर दिया है। लगभग दो घंटे की हिरासत के बाद दोनों को किंग्सवे कैंप पुलिस लाइन से छोड़ा गया। गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात को लेकर विपक्षी सांसदों ने मार्च किया।
इसी दौरान राहुल और प्रियंका अपनी मांग को लेकर आकाशवाणी परिसर में धरने पर बैठ गए। जहां पुलिस ने इन दोनों नेताओं को हिरासत में ले लिया था। इसी दौरान कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पुलिस, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन करते नजर आए।
दिल्ली में विपक्ष दलों ने मंगलवार की सुबह से ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को बंद करने को लेकर संसद भवन से निर्वाचन आयोग के मुख्यालय तक मार्च निकालकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने विपक्षी सांसदों के मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया।
मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात के जिद पर अड़े विपक्षी दल के नेता राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा गांधी समेत हजारों की संख्या में विपक्षी नेता आकाशवाणी में 5 घंटे से अधिक समय तक बैठे रहे। शाम करीब 8 बजे का आसपास आकाशवाणी भवन परिसर से दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी समेत सैकड़ो की तादात में विपक्ष के नेताओं को हिरासत में ले लिया।
INDIA ब्लॉक प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेता निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक पहुंचना चाहते थे। पुलिस द्वारा रास्ता रोके जाने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन परिसर में एक पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए।
पुलिस अधिकारियों ने उन्हें परिसर खाली करने के लिए कहा, लेकिन दोनों वहां से हटने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं को हिरासत में लिया।
SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष लगातार विरोध कर रहा है। बीते दिनों एक मीडिया रिपोर्ट आई जिसमें SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। जिसके बाद से ही कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे का साथ-साथ SIR प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर विरोध कर रहा है।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद कांग्रेस और विपक्षी दलों ने इसे संविधान का हवाला देते हुए लोकतांत्रिक विरोध को रोकने की कोशिश बताया है। जबकि भाजपा की ओर से प्रदर्शन को लेकर अलग राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है।