Priyanka Gandhi in Loksabha: संसद में कांग्रेस सासंद प्रियंका गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए सेना के शौर्य को सलाम किया। उन्होंने अपने भाषण में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया। गांधी ने कहा कि सदन में केंद्र सरकार के मंत्रियों ने तमाम पहलू गिना दिए और इतिहास का पाठ भी पढ़ा दिया, लेकिन ये नहीं बताया कि पहलगाम में हमला कैसे हुआ, क्यों हुआ ये सवाल अब भी खटक रहे हैं।
गांधी ने कहा कि पहलगाम में लोग सरकार के भरोसे गए थे। सरकार ने उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया। क्या नगारिकों की सुरक्षा रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी नहीं है। क्या गृहमंत्री की जिम्मेदारी नहीं है। प्रियंका गांधी ने पहलगाम हमले में मृत कानपुर के शुभम द्विवेदी का जिक्र करते हुए कहा कि ये लोग सरकार के भरोसे पहलगाम गए थे।
प्रियंका गांधी ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में यूपीए सरकार में हुए आतंकवादी हमलों का जिक्र किया। उन्होंने 25 आतंकवादी हमले गिनाए, लेकिन इस मुल्क ने 2020 से लेकर 22 अप्रैल 2025 तक 25 आतंकवादी हमले देखे। इन हमलों में 41 सेना के जवान व सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। 54 लोग घायल हुए। उन्होंने कहा कि इन हमलों के पीछे आतंकवादी संगठन टीआरएफ था। भारत सरकार को टीआरएफ को एक आतंकवादी संगठन घोषित करने में 3 साल लग गए। 2023 में टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि जब जानते थे तो एक आतंकी संगठन को आतंकी संगठन घोषित करने में इतना समय क्यों लगा।
वायनाड सांसद ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने भाषण में यूपीए की सरकार में हुए 26/11 मुंबई हमले का जिक्र किया। हम बताना चाहते हैं कि मुंबई हमले में शामिल सभी आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। एक जिंदा पकड़ा गया था, जिसे फांसी दी गई। हमले के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और देश के गृहमंत्री ने इस्तीफा दिया। हमारी सरकार ने जिम्मेदारी ली। सरकार की जनता के प्रति एक जवाबदेही थी। इस देश की धरती के प्रति जवाबदेही थी। गृहमंत्री अमित शाह की नाक के नीचे पूरा मणिपुर जल गया, दिल्ली में दंगे हुए, पहलगाम में हमला हुआ। आज भी उसी पद पर बैठे हुए हैं क्यों?
गांधी ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद क्या सेना प्रमुख, इंटेलीजेंस प्रमुख ने इस्तीफा दिया। क्या गृह मंत्री ने इस्तीफा दिया। इस्तीफा छोड़िए, जिम्मेदारी तक नहीं ली। आप इतिहास की बात करिए, मैं वर्तमान की बात करूंगी। 11 साल से सत्ता में आप हो। कल मैं देख रही थी, जब गौरव गोगोई ने जिम्मेदारी की बात कही, राजनाथ सिंह सिर हिला रहे थे, लेकिन गृह मंत्री हंस रहे थे। राजनाथ जी उरी-पुलवामा के समय गृह मंत्री थे, आज वह रक्षा मंत्री हैं। अमित शाह के समय मणिपुर जल रहा है, दिल्ली दंगे हुए, पहलगाम हुआ दोनों लोग पद पर बने हुए हैं क्यो? इसका देश को जवाब चाहिए।