@राजेश मिश्र
रायबरेली: बीते चार दिनों से रायबरेली-अमेठी में गांव-गांव प्रचार में जुटी प्रियंका गांधी ने अब तक नीरस पड़े माहौल में जान फूंक दी है। रायबरेली में जहां कांग्रेस समर्थकों में राहुल गांधी के मौदान में होने का उत्साह है वहीं अमेठी में प्रियंका गांधी अपने सघन अभियान से माहौल बना रही हैं। नामांकन दाखिल करने के बाद से राहुल गांधी ने अब तक रायबरेली का दौरा नहीं किया है और उनकी अनुपस्थिति में प्रियंका गांधी पूरा चुनाव प्रचार संभाल रही हैं। हर दिन रायबरेली में दर्जन भर नुक्कड़ सभाओं और छोटी बैठकों को संबोधित करने के बाद शाम को वो अमेठी का रुख करती हैं और वहां पार्टी प्रत्याशी किशोरी लाल शर्मा के अभियान की समीक्षा करती हैं।
प्रियंका गांधी जहां लोगों के बीच ज्यादा से ज्यादा संपर्क कर रही हैं वहीं उनकी टीम के दर्जन भर सदस्य रायबरेली में स्थापित वॉर रूम में बैठकर रोज का कार्यक्रम तैयार करने के साथ बाकी की व्यूहरचना में जुटते हैं। प्रियंका गांधी के कमान संभालने के बाद रायबरेली के साथ ही अमेठी के भी कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं में जोश भरपूर नजर आता है तो वहीं गठबंधन की सहयोगी समाजवादी पार्टी के नेता भी प्रचार अभियान में जुट गए हैं।
रायबरेली के मुंशीगंज कस्बे में गुरुवार को एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने 100 साल पहले के अवध के किसान आंदोलन को याद करते हुए अपने परदादा जवाहर लाल नेहरु व मोतीलाल नेहरु के उसमें शरीक होने का जिक्र कर लोगों से अपना रिश्ता जोड़ा. इसके तुरंत बाद आगे आमावां कस्बे में लोगों को संबोधित करते हुए प्रियंका गाँधी ने कहा कि आज भाजपा संविधान क्यों बदलना चाहती है। क्योंकि वो आपके अधिकारों को कुचलना चाहती है। वो आरक्षण को कुचलना चाहती है और आज भाजपा आवाज दबाने की हरसंभव कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राहुल भैया को परेशान किया। उनकी सदस्यता छीनी, उनका घर छीना. लेकिन वो पीछे नहीं हटे। प्रियंका ने कहा कि हमारी विरासत शहादत की है.भाजपा चाहे कुछ भी कर ले लेकिन हम संविधान को आंच नहीं आने देंगे।
रायबरेली से अमेठी की ओर जाने वाली सड़क पर सिधौना गांव में एक जनसभा को संबोधित कर रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आसान जुबान में लोगों को संविधान को बदलने की चल रही कवायद के बारे में बताया तो अपने परिवार को राष्ट्रद्रोही करार देने का आरोप लगाने वालों को नकार देने की भावनात्मक अपील की।
देर शाम कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी जी ने अमेठी में विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया. अपने भाषण के दौरान उन्होंने राजीव गांधी के समय की अमेठी, उनकी यात्राएं, उनकी शहादत और अमेठी के साथ सेवा व समर्पण भरे रिश्ते की यादों को साझा किया. आखिर में उन्होंने कहा, अमेठी मेरा वो परिवार है जिसके साथ भावनात्मक रिश्ता है। यह रिश्ता कभी नहीं टूटेगा। कार्यकर्ताओं से उन्होंने कहा, आपने पहले भी कठिन परिस्थितियों में चुनाव जीता है। पूरा जोर लगाइए और जीत कर दिखाइए। मैं यहां आई हूं, आपके साथ मिलकर लडूंगी और यह चुनाव जीतकर दिखाऊंगी।
शुक्रवार को अमेठी की सलोन विधानसभा से अपने दौरे की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा, जब राजीव गांधी जी अमेठी से सांसद थे तब केंद्र में भी हमारी सरकार थी और राज्य में भी। यहां पर बड़े-बड़े उद्योग लगाए गए। इतने विकास कार्य हुए कि अमेठी पूरे देश में जाना जाने लगा। आज केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकारें हैं लेकिन पिछले पांच साल में अमेठी में कुछ काम नहीं हुआ।
कांग्रेस के चुनाव अभियान के बारे में बताते हुए पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग अध्यक्ष शाहनवाज आलम ने कहा कि राहुल गांधी के अमेठी छोड़ रायबरेली से चुनाव लड़ने के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से प्रचारित हार के डर का नैरेटिव अब हवा में उड़ गया है। रायबरेली की हवा में अब राहुल के लिए जीत का रिकॉर्ड बनाने की बात है तो अमेठी में भी बंपर जीत हासिल करने का जज्बा नजर आता है।