द्रौपदी मुर्मू (Social Media)
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तिरंगे से राष्ट्र निर्माण तक, राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को दिया खास संदेश

Independence Day: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को याद किया।

अर्पित शुक्ला

Droupadi Murmu Independence Day Address: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत सभी नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए की और स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को याद किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत माता पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त हुईं और देश के नागरिक स्वतंत्र भारत की नियति के निर्माता बने। उन्होंने कहा कि कुछ ही घंटों बाद देश की स्वतंत्रता के 80वें वर्ष का शुभारंभ होगा और भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीय भी इस पर्व को उत्साह और उल्लास के साथ मनाते हैं।

‘तिरंगा हमारी स्वाधीनता का प्रतीक’

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि हमारा तिरंगा देश की स्वाधीनता का प्रतीक है और हर भारतीय इसे पूरी शान के साथ फहराता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले लोगों को याद करने का भी दिन है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले अलग-अलग वर्गों के लोगों की सराहना की।

सभी राष्ट्र निर्माण में भागीदार

राष्ट्रपति ने कहा कि निष्ठावान विद्यार्थी और शिक्षक, विकास के लिए लगातार काम कर रहे वैज्ञानिक और इंजीनियर, स्वास्थ्य सेवाओं में जुटे डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी, मेहनतकश श्रमिक और देश का पेट भरने वाले किसान अपने-अपने स्तर पर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय असंख्य नागरिक और संविधान में निहित मूल कर्तव्यों का पालन करने वाले सभी लोग राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण भागीदार हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि वह राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले सभी नागरिकों की हृदय से सराहना करती हैं।

ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती

उन्होंने कहा कि हमारे देशवासी महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती मना रहे हैं। महात्मा फुले और क्रांति-ज्योति सावित्रीबाई फुले ने सामाजिक न्याय, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और समानता के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया है। उनके आदर्शों के अनुसार विगत कुछ वर्षों के दौरान वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने के लक्ष्य को राष्ट्रीय प्राथमिकता दी गई है।

80 करोड़ लोगों के लिए निशुल्क राशन की व्यवस्था

राष्ट्रपति ने कहा कि 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से मुक्ति दिलाने में सफलता मिली है। विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेश की योजना प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत लगभग 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं। इनमें 32 करोड़ से अधिक महिला खाताधारक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लोगों के लिए निशुल्क राशन की व्यवस्था द्वारा उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

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