'सेवा तीर्थ' (Image- Social Media) 
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अब 'सेवा तीर्थ' से चलेगी सरकार, PM मोदी ने किया उद्घाटन, सुरक्षा और तकनीक जानकर रह जाएंगे चकित

New PMO Office Building: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की नई इमारत सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1-2 का उद्घाटन किया।

अर्पित शुक्ला

Seva Teerth Inagurated: पीएम मोदी ने आज प्रधानमंत्री कार्यालय की नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ तथा ‘कर्तव्य भवन-1’ और ‘कर्तव्य भवन-2’ का उद्घाटन किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इन अत्याधुनिक भवनों का लोकार्पण किया। ‘सेवा तीर्थ’ में प्रधानमंत्री कार्यालय स्थापित होगा, जबकि ‘कर्तव्य भवन-1’ और ‘कर्तव्य भवन-2’ में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के दफ्तर संचालित किए जाएंगे। कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री शाम 6 बजे ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में आयोजित एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

1,189 करोड़ की लागत से बना ‘सेवा तीर्थ-1’

प्रधानमंत्री कार्यालय अब सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत नवनिर्मित परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होगा। करीब 1,189 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह परिसर 2,26,203 वर्ग फुट के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। इसका निर्माण दिग्गज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा किया गया है। इस आधुनिक परिसर में तीन मुख्य इमारतें तैयार की गई हैं:

  • सेवा तीर्थ-1: यह प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का मुख्य मुख्यालय होगा।
  • सेवा तीर्थ-2: यहाँ कैबिनेट सचिवालय का संचालन होगा, जो सितंबर में ही यहां शिफ्ट हो चुका है।
  • सेवा तीर्थ-3: यह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय का नया ठिकाना होगा।

आधुनिक सुविधाएं और कम होगी ट्रैफिक की समस्या

विजय चौक के नजदीक बना यह नया कार्यालय अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। वैसे तो कैबिनेट की बैठकें प्राय: प्रधानमंत्री आवास (7 लोक कल्याण मार्ग) पर होती आई हैं, लेकिन नए ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में विशेष रूप से एक कैबिनेट हॉल तैयार किया गया है।

इसी परिसर के पास नया प्रधानमंत्री आवास भी बनाया जा रहा है, जो संसद भवन के काफी करीब है। इस पूरी शिफ्टिंग का एक मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के मूवमेंट को सुगम बनाना और उनके आवागमन के दौरान आम जनता को होने वाली ट्रैफिक संबंधी परेशानियों को कम करना है।

संग्रहालय बनेंगे नॉर्थ और साउथ ब्लॉक

प्रधानमंत्री कार्यालय के खाली होने के बाद साउथ ब्लॉक और उसके साथ वाले नॉर्थ ब्लॉक को सुरक्षित रखने की एक बड़ी योजना है। इन दोनों ऐतिहासिक इमारतों को ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ नाम से एक भव्य सार्वजनिक संग्रहालय में तब्दील किया जाएगा।

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