वाशिंगटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस (Kamla Harris) और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) ने शुक्रवार (23 जून) को दोपहर के भोजन की मेजबानी की। लंच के कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा, "इस भव्य स्वागत के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। भारत-अमेरिका संबंधों की मधुर धुन हमारे लोगों के बीच संबंधों से बनी है।" बता दें कि पीएम मोदी 21 से 24 जून तक अमेरिका की राजकीय यात्रा पर हैं।
इस दौरान पीएम मोदी ने अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के भारत से संबंध का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा, ''सबसे पहले तो मैं उपराष्ट्रपति कमला हैरिस, विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन का इस भव्य स्वागत के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। आप दोनों ने जो गर्मजोशी भरे शब्द कहे उसके लिए भी हृदय से आपका आभार व्यक्त करता हूं। आज एक बार फिर स्टेट डिपार्टमेंट में आप सभी के बीच उपस्थित होना मेरे लिए खुशी की बात है।''
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पीएम ने कहा, ''उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की माता जी डॉक्टर श्यामला गोपालन 1958 में भारत से अमेरिका आई थीं। उस समय अधिकांश लोगों के पास फोन नहीं होता था। इसलिए उनकी माता जी हाथ से लिखकर अपने परिवारजनों को पत्र भेजा करती थीं। उन्होंने कभी भी भारत से नाता टूटने नहीं दिया था, एक जीवंतता बनाए रखी थी। जो भी उपलब्ध माध्यम था, उसका सर्वाधिक उपयोग।।। भारत को, उनके अमेरिका के जीवन को निरंतर जोड़ने में लगा रहा था। हजारों मीलों की दूरी के बावजूद भी भारत हमेशा उनके करीब थी। मैडम वाइस प्रेसिडेंट, उनकी इस प्रेरणा को आपने आज नई बुलंदियों तक पहुंचाया है।''
पीएम मोदी ने कहा, ''पिछले तीन दिनों में मैंने अनेक बैठकों में हिस्सा लिया, कई विषयों पर चर्चा की। इन सभी बैठकों में एक चीज कॉमन थी, सब एकमत थे कि भारत और अमेरिका के लोगों के बीच मित्रता और सहयोग और गहरा होना चाहिए। भारत और अमेरिका के संबंधों की मधुर गीतमाला लोगों से लोगों के सुरों से पिरोई गई है। इन संबंधों का उदाहरण हमें कदम-कदम पर देखने को मिलता है।''
इससे पहले अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि दुनियाभर में भारत का प्रभाव है। भारत की कहानियों ने मुझे काफी प्रेरित किया है। अपने दादा करते हुए कमला हैरिस ने कहा कि भारत का इतिहास और शिक्षा ने न केवल मुझ पर बल्कि पूरी दुनिया पर प्रभाव डाला है। भारत ने दुनिया के करोड़ों लोगों को प्रेरित किया चाहे फिर वह दर्शनशास्र से हो या फिर सविनय अवज्ञा या फिर लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता हो। अमेरिका की उपराष्ट्रपति होने के नाते मैं कई देशो में गई हूं और भारत में भी। दक्षिण - पूर्व एशिया में भारत निर्मित वैक्सीन पहुंची जिसकी मदद से कई लोगों की जान बचाई जा सकीं।